सतना में 10 उम्मीदवार अयोग्य घोषित:चुनाव लड़ने पर लगी रोक, आयोग को खर्च का गलत ब्यौरा देना पड़ा भारी*
मध्य प्रदेश चुनाव के मौजूदा दौर में सतना जिले के चुनावी मैदान में ताल ठोंक चुके लड़ाकों को निर्वाचन आयोग को गलत जानकारी देना महंगा पड़ा है। चुनाव आयोग ने 10 उम्मीदवारों को अयोग्य करार दे कर उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।
भारत निर्वाचन आयोग ने अविभाजित सतना जिले की अलग अलग विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ चुके 10 पूर्व प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित किया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10 ए के तहत आयोग ने इन सभी के 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है।
जिन पूर्व प्रत्याशियों को अयोग्य करार दिया गया है उनमें वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में सतना सीट से सपाक्स प्रत्याशी रहे रामोराम गुप्ता का भी नाम है। भाजपा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रह चुके रामोराम पिछले चुनाव में माई के लालों का प्रतिनिधित्व करते हुए सपाक्स के टिकट पर चुनाव लड़े थे और हार गए थे। रामोराम को लगभग 8 हजार वोट मिले थे। हालांकि वे इसके बाद ही उनका सियासी सफर खत्म भी हो गया था। वे इस बार के चुनाव में वे किसी के प्रचार में भी सक्रिय नजर नहीं आ रहे। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी रहे शशांक सिंह बघेल निवासी सोनौरा चाहकर भी इस बार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, जबकि राजेन्द्र कुमार वर्मा और श्यामा अहिरवार उर्फ श्यामलाल साकेत को भी अयोग्य करार दे दिया गया है।
इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र 64 नागौद से फूलन देवी बागरी भिटारी श्यामनगर और राजेंद्र जासयवाल ग्राम पोंड़ी पिथौराबाद, विधानसभा क्षेत्र 65 मैहर से शिवम पांडेय उर्फ शिब्बू वार्ड नंबर 13 मंगल भवन के पास मैहर, विधानसभा क्षेत्र 66 अमरपाटन से संतोष कुमार गुप्ता ग्राम अमिलिया हर्रई रामनगर और विधानसभा क्षेत्र 67 रामपुर बघेलान से पंकज सिंह ग्राम पोस्ट सोनौरा थाना अमरपाटन एवं प्रशांत पांडेय ग्राम हिनौती पोस्ट सिजहटा को अयोग्य घोषित किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा ने सभी संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर्स को उम्मीदवारों की अयोग्यता सूची प्रेषित कर नामांकन पत्रों की संवीक्षा के समय विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।




