रायपुर। कर्नाटक के चुनावी नतीजों का रूख अब तकरीबन साफ है। सरकार बनाने के लिए 113 सीटों की जरूरत है, और कांग्रेस की लीड 118 सीटों पर चल रही है।




वह सबसे बड़ी पार्टी भी है, और भाजपा, जेडीएस, और निर्दलीय सबको मिलाकर उससे अधिक भी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एयर कंडीशंड मंचों पर खूब पसीना बहाया था, लेकिन वह भी काम नहीं आया, शायद यह भी वजह रही हो कि कर्नाटक हर पांच साल में सरकार बदल देता है।
अब तक के लीड के इन आंकड़ों पर एक विश्लेषण इस अखबार ‘छत्तीसगढ़’ के संपादक सुनील कुमार ने किया।

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