अक्टूबर 1973 की बात है। ‘सिक्स डे वॉर’ को 6 साल बीत चुके थे। इस जंग में इजराइल ने अरब देशों को बुरी तरह हराया था। ये अरब देश थे- इजिप्ट, सीरिया, जॉर्डन, इराक, सऊदी अरब और कुवैत। इस शर्मिंदगी का बदला लेने के लिए योम किपुर जंग की साजिश रची गई। 6 अक्टूबर 1973 को इन देशों ने मिलकर इजराइल पर अचानक हमला कर दिया। अमेरिका ने इस जंग में इजराइल का साथ दिया। उस वक्त एकजुट अरब देशों ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को ठप कर दिया। ओपेक ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को तेल देने से मना कर दिया। कई महीनों की बातचीत के बाद प्रतिबंध हटाया गया, लेकिन तब तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बुरी मंदी की चपेट में जा चुकी थी। 50 साल बाद एक बार फिर इजराइल पर अचानक बहुत बड़ा हमला हुआ और फिर अमेरिका पूरी तरह इजरायल के साथ है और वही पुराना सवाल फिर खड़ा हो गया है। मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने फिलिस्तीन पर हमले के बाद आपात बैठक बुलाई है।




लेबनान के बाद इजराइल पर सीरिया ने भी हमला कर दिया है। इजराइली सेना ने दावा किया कि वह सीरिया की ओर से हो रही गोलीबारी और रॉकेट हमलों का जवाब तोपखाने और मोर्टार से दे रही है। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी कहा है कि फिलिस्तीनी गुट ने सीरियाई क्षेत्र से इजराइल की तरफ रॉकेट हमले किए। दूसरी तरफ, लेबनान से भी इजराइल पर दोबारा हमला हुआ। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, लेबनान से 15 रॉकेट दागे गए। ये रॉकेट इजराइल के पश्चिमी शहर गलील और दक्षिणी तटीय शहर अश्कलोन में गिरे। जवाबी कार्रवाई में इजराइली सेना ने लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के 3 ठिकानों पर हमला किया है। इससे पहले 8 अक्टूबर को लेबनान बॉर्डर से हिजबुल्लाह ने इजराइल पर गोलीबारी की थी और बम दागे थे।
इजराइल में भारतीय एम्बेसी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। भारतीय लोग मदद के लिए +972-35226748 और +972-543278392 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। ई-मेल आईडी cons1.telaviv@mea.gov.in पर भी संपर्क किया जा सकता है। हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने इजराइल बॉर्डर पर एंटी-टैंक मिसाइल से अटैक किया, जिसके बाद इजराइली सेना ने ड्रोन से जवाबी हमले किए हैं। कल मंगलवार रात अमेरिका का पहला ट्रांसपोर्ट प्लेन गोला-बारूद के साथ इजराइल के नेवातिम एयरबेस पर पहुंच गया। इजराइली सेना ने अपने क्षेत्र में हमास के करीब 1,500 लड़ाकों के शव बरामद किए हैं। इजराइल में घायलों की संख्या 2,900 हो गई है। वहीं, गाजा में 4,600 लोग घायल हुए हैं।
हमास के अटैक के जवाब में इजराइली सेना गाजा में मार्केट और यूनिवर्सिटी पर भी हवाई हमले कर रही है। इजराइल के हवाई हमले से गाजा में बहुमंजिला इमारतों की जगह अब सिर्फ मलबा बचा है। इजराइल के हमले में कई फिलिस्तीनी पत्रकारों की भी मौत हो गई।
