कश्मीर की पहली राजनीतिक परिवार अब्दुल्ला और राष्ट्रीय सम्मेलन (NC) के 17 विधायकों के बीच टकराव ने पार्टी में बदलाव ला दिया है। इसमें 89 वर्षीय पार्टी के प्रमुख डॉ. फ़ारूक अब्दुल्ला को फिर से पार्टी की कमान संभालने का मौका मिला है, जो पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी कार्यवाही से लगभग अलग हो गए थे।




डॉ. फ़ारूक अब्दुल्ला की वापसी
श्रीनगर की मुख्य सड़क गुप्कर रोड पर शुक्रवार, 6 नवंबर, 2026 को दो घंटे तक चली बैठक में 17 असंतुष्ट विधायकों और अब्दुल्ला परिवार के बीच बातचीत हुई। इस बैठक में डॉ. फ़ारूक अब्दुल्ला ने सक्रिय भूमिका निभाई और पार्टी के मामलों को सँभालने में नेतृत्व दिया।
पार्टी में गतिरोध से निकली तोड़
डॉ. फ़ारूक अब्दुल्ला के करीबी अली मोहम्मद सागर, जो पार्टी के पुराने गार्ड से आते हैं, इस प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने पार्टी के इस नाजुक दौर में तनाव कम कर एक समझौता दिलाने में कामयाबी हासिल की।
राजनीतिक महत्व
यह बदलाव पार्टी में स्थिरता लाने और सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम माना जा रहा है। डॉ. फ़ारूक अब्दुल्ला की सक्रिय उपस्थिति से पार्टी के नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यों में नया संतुलन स्थापित होने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- राष्ट्रीय सम्मेलन के 17 विधायकों और अब्दुल्ला परिवार के बीच टकराव
- डॉ. फ़ारूक अब्दुल्ला ने पार्टी की कमान संभाली
- श्रीनगर की गुप्कर रोड पर दो घंटे की बैठक
- अली मोहम्मद सागर ने समझौता कराने में भूमिका निभाई
पार्टी के अंदरुनी मतभेदों का यह समाधान अब्दुल्ला परिवार के राजनीतिक नेतृत्व को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उमर अब्दुल्ला के उद्देश्य और पार्टी के सामूहिक निर्णय प्रक्रिया में संतुलन आने की संभावना बनती है।

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