मथुरा। गोवर्धन थाना क्षेत्र के राधाकुंड से अगस्त में अगवा किए गए युवक की हत्या का साढ़े चार माह बाद पर्दाफाश हुआ है। राजस्थान के पहाड़ी कस्बे के जंगलों में लेकर पत्नी ने पति के साथ पकड़े, प्रेमी और साढ़ू के बेटे ने गला घोंट दिया। फिर शव को जंगलों में फेंक दिया था।




पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी निशानदेही से मोपेड गाड़ी और मृतक का कंकाल भी बरामद किया है।
अचानक लापता हुए थे नारायण
एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया, राधाकुंड से 18 अगस्त से नारायण अचानक लापता हो गए थे। पत्नी चंद्रवती ने पति की गुमशुदगी थाना गोवर्धन में दर्ज कराई। पूर्व में पुलिस ने शक के आधार पर पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी। लेकिन उसने पुलिस को घुमा दिया।
पत्नी का फोन देखता था मृतक
मृतक अक्सर पत्नी के फोन देखता था और नवल की काल होने पर बुरा-भला कहता था। इस पर उसकी हत्या की योजना बनाई। 17 अगस्त को पत्नी पति नारायण को लेकर जरखोड़ धाम मंदिर घाटा व पल्ला के बीच पहाड़ी पर ले गई। यहां पर आरोपित नवल व उसके साढ़ू का बेटा नारायण पहले ही मौजूद थे।
पेशाब के बहाने पत्नी ने मोपेड रुकवाई। तभी नवल और नारायण ने मृतक नारायण को पकड़ लिया। पत्नी ने उसके दोनों हाथ पकड़े और आरोपितों ने गमछे से पति नारायण का गला घोंट दिया। इसके बाद उसे जंगलों में फेंक दिया थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में आरोपित पत्नी चंद्रवती, प्रेमी नवल उर्फ गुड्डन व साढ़ू के बेटे नारायण निवासी ग्राम सुंदरावली थाना जनूथर जिला डीग को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
