पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यो की विस्तृत समीक्षा की गयी।
उन्नाव जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यो की विस्तृत समीक्षा की गयी।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जल जीवन मिशन योजना (फेज-4) के अन्तर्गत जनपद उन्नाव में प्रस्तावित कार्यों पर कार्यदायी संस्था मेघा इंजीनियरिंग एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड के कार्यों की प्रगति, पाइप लाइन बिछाए जाने हेतु सड़क पुनस्र्थापना के कार्यो की प्रगति, भूमि उपलब्धता एवं विवादित भूमि की अद्यतन स्थिति, इम्प्लीमेन्टेशन सपोर्ट एजेंसी के कार्य, जनपद में जन जागरूकता हेतु आई0ई0सी0 की गतिविधियों आदि के संबंध में जानकारी ली गयी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता जल निगम, ग्रामीण अजीत कुमार सिंह एवं कार्यदायी संस्था को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद उन्नाव के ग्रामीण क्षेत्रों में सतही स्रोत आधारित पाइप पेयजल परियोजना का कार्य पूर्ण करने की तिथि 26 जनवरी 2025 निर्धारित की गयी थी, जबकि रू0 3322.93 करोड़ लागत की इस महत्वाकांक्षी योजना की भौतिक प्रगति मात्र 31 प्रतिशत देखने को मिल रही है, यह स्थिति अच्छी नही है। उन्होने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को जल्द से जल्द पूर्ण कराएं ताकि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित गुणवत्ता युक्त सत्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इस योजना के क्रियान्वयन में पाइप लाइन बिछाए जाने से खराब हुई सड़कों की अविलम्ब पुनस्र्थापना करायी जाए। जन जागरूकता हेतु आई0ई0सी0 की गतिविधियों को बढ़ाया जाए।
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी संगीता सिंह, एसीएमओ डा0 जे0आर0 सिंह, उप जिलाधिकारी न्यायिक प्रशांत नायक, सूचना अधिकारी सतीश कुमार, जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता पूनीत कुमार शशि कुमार, आशीष कुमार, मनोरमा महिला मण्डल के जिला समन्वयक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, बैसवारा शिक्षित बेरोजगार वेलफेयर एसोशियेसन के अध्यक्ष संतोषानन्द अवस्थी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





