जिला ग्रामीण विशेष संवाददाता
चर्चा आज की




सीतापुर जिले के ब्लॉक एलिया में दिनांक 06/03/2025 को ग्राम महमूदपुर रोहिला में 04 मस्टर रोल जारी हुए मस्टर रोल संख्या 12328/12329/12331/12332 है जिसमें 23 मनरेगा मजदूर में से 23 मनरेगा मजदूरों की हाजिरी ग्राम पंचायत स्तर द्वारा फर्जी लगाई गई।
इसमें भी 8 से 10 लोगों को अलग अलग जगह खड़ा करके फर्जी हाजिरी लगाई गई।
फिर ग्राम भवानीपुर में 3 मस्टर रोल जारी हुए मस्टर रोल संख्या 12378/12379/12380 है जिसमें 30 में से 24 मनरेगा मजदूरों की रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) संजय कुमार के द्वारा फर्जी हाजिरी लगाई गई। इसमें भी वहीं 8 लोगों को अलग–अलग खड़ा करके फर्जी हाजिरी लगा दी गई।
ग्राम ख़टकरी पंचायत के अंतर्गत तारापुर में छेद्दु के मकान के सामने तालाब कार्य हुआ जिसमें 5 मस्टर रोल जारी हुए। जिनकी मस्टर रोल संख्या 12349/12350/12351/12352/12353 में दस में दस की संख्या चार मस्टर रोल में है जिसमें आखिरी मस्टर रोल संख्या में एक में एक की उपस्थिति दर्ज की गई है जिसमें वही मजदूर हर फ़ोटो में दिखाई दे रहे हैं आखिरी मस्टर रोल संख्या में हाजिरी सिर्फ एक की ही दिखाई गई।
रोजगार सेवक रचना देवी के द्वारा वही फोटो लगाई गई जमकर भ्रष्टाचार कर रही है आखिर किसके संरक्षण में हो रहा है।
इसी तरह ग्राम पंचायत पसनैका में तालाब खुदाई के कार्य में 2 मस्टर रोल जारी हुए जिनकी मस्टर रोल संख्या 12459,12460 में 10 में 06 दूसरी संख्या में 10/09 की फर्जी हाजिरी वहीं मजदूरों की संख्या की उपस्थित दिखाई गई।
वहीं ग्राम हेमपुर में 05 मस्टर रोल जारी हुए जिनकी संख्या 12507/12508/12509/12510/12511 है जिसमें 45 मनरेगा मजदूरों में से 18 की हाजिरी लगाई गई है जिसमें रोजगार सेवक रवि प्रकाश के द्वारा वहीं 4 से 6 लोगों को अलग अलग जगह खड़ा करके फर्जी हाजिरी लगाई गई।
जबकि 03/03/25,04/03/25,05/03/25 को भी खबर प्रकाशित हो चुकी है और आज भी साफ तौर पर देखा जा सकता है किस तरह से वही फोटो हर जगह लगाई जा रही है आखिर किसके संरक्षण में यह फर्जी हाजिरी का खेल लगातार चल रहा है लेकिन कोई भी कार्रवाई करने का नाम नहीं ले रहा है क्योंकि एक कहावत है “चोर चोर मौसेरे भाई” वाली कहावत यहां पर सटीक बैठती हैं।
अब देखना होगा क्या जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर बने एलिया ब्लॉक के अधिकारियों पर कोई जांच टीम गठित करते हैं या नहीं।
सवाल क्या मनरेगा बन गया है प्रधान से लेकर रोजगार सेवक व अन्य ब्लॉक और मुख्यालय के अधिकारियों की आसान कमाई का रास्ता। क्या ऐसे ही सरकारी धन की लूट खसोट जारी रहेगी अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो विभागीय कार्रवाई के साथ साथ इन जैसे भ्रष्टाचारियों की संपत्ति की भी जांच होगी।
फिर दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। सारा भ्रष्टाचार सामने आ जायेगा उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान में ले अन्यथा में सरकारी धन की लूट खसोट जारी रहेगी।
