दीपक शर्मा की रिपोर्टमानपुर उमरिया






मानपुर नगर परिषद के विकास को जैसे ग्रहण सा लग गया है क्योंकि यहां पर परिषद के जिम्मेदार ही इसके विकास में रोड़ा बन बैठे हैं। हम यहां पर बात कर रहे हैं नप मानपुर में पदस्थ इंजीनियर श्री प्रभुनाथ पटेल की जिनके द्वारा समय पर कोई भी एस्टीमेट तैयार न किए जाने के कारण निर्माण कार्य अवरुद्ध हो रहे हैं प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ कायाकल्प योजना अंतर्गत नगर परिषद के खाते में एक करोड़ से भी ज्यादा की राशि आज 1 वर्ष से भी ज्यादा समयावधि से पड़ी हुई है जिसका कोई भी कार्य आज दिनांक तक नहीं प्रारंभ किया जा सका यही नहीं इंजीनियर श्री पटेल के द्वारा जो स्टीमेट तैयार भी किया जाता है वह पोर्टल में अप्रूव ना होने के कारण रिवाइज होने के लिए चला जाता है और संबंधित निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही रुक जाता है जानकारों की माने तो ऐसे दर्जनों स्टिमेंट यहां पर रिवाइजिंग के लिए लंबित पड़े हुए हैं वहीं जानकारों का यहां तक कहना है कि इंजीनियर साहब की कार्य अनुभव की कमी के चलते ऐसी दिक्कत बार बार आती है। जन चर्चा है कि नप इंजीनियर साहब की एक पार्षद महोदय से खासी दोस्ती है जो कि नप ठेकेदारों से सांठ-गांठ कर नप प्रशासन और उपमंत्री महोदय के लिए सेतु का काम करते हैं और बीच में अपनी जेबें भी गर्म करते हैं।नाम नहीं छापने की शर्त पर परिषद में काम कर चुके एक ठेकेदार ने बताया कि इंजीनियर साहब को सिर्फ अपने हिस्से का परसेंटेज लेने का गाढ़ा अनुभव है निर्माण कार्य का नहीं, लोगों का कहना है कि परिषद् के अध्यक्ष पति और इंजीनियर साहब सहित एकाउंटेंट और सीएमओ सभी परिषद् के विकास से ज़्यादा अपने अपने हिस्से लेकर अपना व्यक्तिगत विकास कर आधुनिकता युक्त हाई प्रोफ़ाइल लाइफ स्टाइल मेंटेन कर रहे हैं नगर का विकास हो चाहे ना हो इससे इनका कोई सरोकार नहीं यानि बाड़ी ही खेत खा रही है जिसके चलते नगर के कुछ वार्डों में तो काम ही नहीं शुरू हो पाए जहां पर काम हुए हैं वे भी आधे अधूरे पड़े हैं नगर में बनी नालियों के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं बनाया जाना इसका प्रमाण है ऐसे में नगर परिषद के सभी निर्माण कार्यों की एकजाई मानीटरिंग कर इन्हें चुस्त दुरूस्त करने की जनापेक्षा है।
