चित्रों के झरोखे से श्रीराम जम भूमि मंदिर का परिचय एवं ई लिंक वितरण
या
चित्रकूट के सबसे बड़े क्रांतिकारी विश्वनाथ वैशंपायन जी के चित्र का लोकार्पण
इतिहास खोज के लिए हेमन्त कुमार सम्मानित
गुमनाम सेनानी और पुस्तक परिचय कार्यक्रम संपन्न हुआ
सिंचाई कॉलोनी कपसेठी में आज एक गुमनाम सेनानी का परिचय और राम मंदिर निर्माण सम्बन्धी पुस्तक के निःशुल्क लिंक वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि और इतिहास खोजकर्ता
हेमन्त कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद के अत्यंत निकट रहे प्रथम पंक्ति के क्रांतिकारी विश्वनाथ वैशम्पायन कर्वी मूल के थे। हेमन्त कुमार ने अपने शोध पत्र के माध्यम से वैशम्पायन का जीवन परिचय पढ़ा और इनके चित्र का अनावरण कराया।
इसके बाद इन्होंने चित्रों के झरोखे से श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण नामक अपनी पुस्तक का परिचय कराया और इंटरनेट पर इसे निःशुल्क पढ़ने के लिए ई-लिंक का वितरण किया।
कार्यक्रम अध्यक्ष निवर्तमान सांसद भैरो प्रसाद मुख्य अतिथि निवर्तमान सांसद आर के सिंह पटेल
जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता अशोक गुप्ता केशव शिवहरे पंकज अग्रवाल लवकुश चतुर्वेदी गुरुप्रसाद ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की खोज और कार्य समाज में चेतना पैदा करते हैँ।
गुमनाम सेनानी इतिहास पर महत्वपूर्ण खोज के लिए इंजीनियर हेमन्त कुमार को निवर्तमान सांसदगण भैरो प्रसाद मिश्र तथा आर के सिंह पटेल ने स्वतंत्रता सेनानी शोध सम्मान प्रदान किया. गीता श्रीवास्तव विनय कुमार केशव शिवहरे कमलेश कुमार प्रदीप श्रीवास्तव तथा ब्रजेन्द्र संखवार पुखराया को सामाजिक कार्यों के लिए अंगवस्त्र एवं अभिनन्दन पत्र के साथ सम्मानित किया गया। हेमन्त कुमार ने विश्वनाथ वैशम्पायन की प्रतिमा और विवरण वाला शिलापट्ट कर्वी में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा और इस कार्य हेतु इक्कीस सौ रूपये के योगदान की घोषणा की।
कार्यक्रम में जय प्रकाश राजेश कुमार चंद्रशेखर अनूप चतुर्वेदी राजा पटेल डॉo रमाकांत कुलदीप श्रीवास्तव शिवेंद्र सिंह कुशल अभिषेक मिश्रा मुन्नूलाल पाण्डेय
सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। संचालन गीत श्रीवास्तव तथा गुरूप्रसाद ने किया।
कार्यक्रम को चित्रकूट स्पोर्ट्स क्लब, सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ कर्वी-चित्रकूट एवं क्षेत्रीय इतिहास संकलन एवं लेखन अभियान(फीना-बिजनौर, उ०प्र०) ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।









