उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से चल रही वकीलों की हड़ताल अब खत्म (Lawyers Strike Ends) हो गई है.योगी सरकार ने वकीलों की सभी मांगों को मान लिया है. यह जानकारी मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रशांत सिंह अटल ने दी है. हड़ताल खत्म करने का ऐलान बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की तरफ से किया गया है. सरकार ने वकीलों पर लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई की बात मान ली है. साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड किया जाएगा. विभिन्न जिलों में अधिवक्ताओं पर स्पंज मुकदमें दर्ज होंगे. एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर कमेटी गठित होगी. एडिशनल एसपी हापुड़ को हटाने की मांग भी सरकार ने मान ली है.




सरकार-वकीलों के बीच मांगों पर सहमति
हड़ताल पर सरकार और अधिवक्ताओं के बीच सहमति बन गई. सरकार और वकीलों के बीच हड़ताल खत्म करने को हुई बातचीत के दौरान वहां बार एसोसिएशन यूपी उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय, अखिलेश अवस्थी, जानकी शरण पांडेय, प्रदीप कुमार सिंह, प्रशांत सिंह मौजूद रहे. अबह यूपी के वकील आज से ही काम पर वापस लौटेंगे. बता दें कि यूपी के हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पिछले 15 दिनों से पूरे राज्य में वकीलों की हड़ताल चल रही थी. सरकार की तरफ से पांच सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद वकील आज से काम पर वापस लौट रहे हैं.
दोषी पुलिसकर्मियों पर होगा एक्शन
गुरुवार को वार काउंसिल और यूपी सरकार के बीच बातचीत सफल रही है. 15 दिनों से चल रही हड़ताल के दौरान वकीलों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे भी खत्म किए जाएंगे.यूपी बार काउंसिल की तरफ से कहा गया है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर एक समिति बनाई गई है. इस समिति में बार काउंसिल से भी प्रतिनिधि होंगे. अधिनियम संबंधी प्रस्ताव तय समय के भीतर पारित किए जाएंगे. सरकार वकीलों पर लाठियां बरसाने के दोषी पुलिसवालों के सस्पेंशन और ट्रांसफर की मांग पर भी सहमत हो गई है. जिसके बाद वकीलों की हड़ताल भी खत्म हो गई है.
