एक भी बारिश नहीं सह पाया बाइस लाख रुपए की लागत से बना अमृत सरोवर तालाब




अमृत सरोवर तालाब में जमकर हुई भ्रष्टाचार की बारिश
यदि नहीं चेता प्रशासन तो तालाब टूटने से तीन गांव होंगें प्रभावित
रीवा संवाददाता निखिल पाठक की स्पेशल रिपोर्ट
प्रदेश के रीवा जिले की सबसे हाट विधानसभा सीट देवतालाब के जनपद पंचायत मऊगंज की ग्राम पंचायत शिवपुरवा का है जहां वित्तीय वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर तालाब योजना के तहत 22 लाख 88 हजार रुपए की लागत से उमरी काटन में अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कराया गया है जिसके निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार की बारिश हुई है यह अमृत सरोवर तालाब मनरेगा से निर्मित हुआ है और ठेके से निर्माण कार्य कराया गया है पूर्व में बचा हुआ कार्य अभी कुछ माह पहले ठेके से कराया गया है तालाब की मेड़ का निर्माण घटिया सामग्री से कराया गया है जो एक भी बारिश नहीं सह पाई और जगह जगह से तालाब की मेड़ छतिग्रस्त हो गई है जो आने वाली बारिश में पूरी तरह से बह जायेगी, अमृत सरोवर तालाब के बहने से उमरी,डगडौबा और शिवपुरवा गांव प्रभावित हो सकतें हैं चूंकि यह तालाब जिस गहरे गूबा नाले में बनाया गया है वह एक नदी को जोड़ता है वह नदी उमरी, शिवपुरवा और डगडौवा गांव के बीचोंबीच निकलती है यदि तालाब टूटा तो पानी का शैलाब ओवर फ्लो होकर उक्त गांवों भर सकता है यदि शासन प्रशासन निरीक्षण कर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है,अब सबाल यह उठता है कि आखिर किसके निगरानी में यह घटिया कार्य कराया गया है जब निर्माण कार्य चल रहा था तब इंजीनियर,सब इंजीनियर,सरपंच सचिव क्या कर रहे थे यदि बारिश में तालाब बहा तो कौन होगा जिम्मेदार
