हरदोई में आरोपी महिला शिक्षक बर्खास्,
फर्जी डिग्री से 15 साल तक की नौकरी: वेतन और भत्तों की वसूली के आदेश
हरदोई में एक महिला शिक्षक को फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के मामले में बर्खास्त कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने यह कार्रवाई की है।
शमीम जहां नाम की यह शिक्षिका 2009 से शिक्षक के पद पर कार्यरत थी। उनकी पहली नियुक्ति शाहजहांपुर के जलालाबाद विकास खंड के अल्हादादपुर प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। 2011 में प्रोन्नति के बाद वह कांट के पूर्व माध्यमिक विद्यालय इमलिया में सहायक अध्यापक बनीं। 2023 में उन्होंने हरदोई में स्थानांतरण करा लिया, जहां उन्हें बिलग्राम के मितमितपुर संविलियन विद्यालय में तैनाती मिली।
मामले का खुलासा दिसंबर 2024 में हुआ, जब सुभाषनगर निवासी देवेंद्र सिंह ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। जनवरी 2025 में बिलग्राम के खंड शिक्षाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने शैक्षिक दस्तावेजों की जांच की। लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने पुष्टि की कि बीएड का अंक पत्र और प्रमाण पत्र शमीम जहां के नहीं थे।
जांच में फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि होने और शमीम जहां का जवाब संतोषजनक न होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही, उनके वेतन और भत्तों की वसूली भूराजस्व की तरह करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।





