





*चित्रकूट*
*मोदी सरकार किसानों की घोर उपेक्षा कर पूंजीपतियों को दे रही बढ़ावा–रूद्र मिश्रा*
चित्रकूट ।ऐतिहासिक किसान आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर सरकार की वायदा खिलाफी तथा कारपोरेट के हाथों खेती किसानी सौंपने की तैयारी एवं आजादी से पूर्व चले आ रहे श्रमिक हितैषी श्रम कानूनों को खत्म कर चार मजदूर विरोधी संहितायें लागू करने के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर आज दिनांक 26 नवंबर, 2025 को उत्तर-प्रदेश किसान सभा, चित्रकूट जोरदार प्रदर्शन कर राष्ट्रपतिको सौंपा गया ज्ञापन।
कामरेड रुद्रप्रसाद मिश्र ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा की मोदी सरकार किसानों से लिखित किये गये वादों को आज तक पूरा नहीं किया और कारपोरेटो पूंजीपतियों को लाभ दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि कम्पनियो के हित में और मजदूरों बिरोधी कानून बनाकर मजदूरों का शोषण करने जा रही हैं।कामरेड विजय कुमार जिला अध्यक्ष किसान सभा ने मांग किया किसभी फसलों के लिए MSP@C2+50% के साथ गारंटीड खरीद हेतु संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में तुरंत कानून पारित करें। सभी ब्लॉकों में सरकारी मंडियां स्थापित की जाए, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए व्यापक ऋण माफी योजना घोषित की जाए।
बिजली बिल 2025 तुरंत वापस लिया जाए। बिजली का निजीकरण रोका जाए। स्मार्ट मीटरों पर रोक लगाई जाए। सभी परिवारों को प्रति माह 300 यूनिट और खेती में मुफ्त बिजली दी जाए।
हाल में अधिसूचित 4 श्रम संहिताएँ तुरंत वापस ली जाएँ। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण को समाप्त किया जाए; संगठित क्षेत्र में सुरक्षित स्थायी रोजगार दिया जाए और न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह तथा असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों सहित कृषि मजदूरों को 10000 रुपये मासिक वृद्धावस्था पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। कामरेड राजाराम जिला मंत्री किसान सभा ने मोदी सरकार से मांग कि मनरेगा बजट बढ़ाकर 200 दिन का काम तथा 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित की जाए. भारत पर 50% अमेरिकी शुल्क को देश की संप्रभुता पर हमला मानते हुए सख्त प्रतिकारी कार्रवाई की जाए तथा भारतीय गणराज्य की गरिमा की रक्षा की जाए।
. 84000 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी बहाल की जाए, DAP और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा काला बाज़ारी बंद की जाए। किसानों पर नैनो यूरिया और नैनो DAP थोपना बंद किया जाए।
। असफल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को समाप्त कर सार्वजनिक क्षेत्र में फसल व पशुधन बीमा योजना बनाई जाए।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों को न उजाड़ा जाये उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाये। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनिरीक्षण की अवधि को कम से कम 6 माह का विस्तार दिया जाये ताकि आसानी और समुचित ढंग से एसआईआर पूर्ण हो सके।अंत में जुलुस की सक्ल में नारे लगाते हुए किसान तहसील गये गये और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
ज्ञापन देने वालों में शिवप्रसाद, वीर बहादुर सिंह, पूनम, राम प्रताप, राम नरेश, अमृत लाल, शान्तिराम, मंघूमन, गिरधर, रमाशंकर, सहित तमाम किसान मौजूद रहे।




विज्ञापन हेतु
रिपोर्टर बनने के लिए संपर्क +91-9355638761, +91-8429092222
सहयोग राशी 1150/- रूपये मात्र



