



लखनऊ। भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ का 15वां दीक्षांत समारोह सकुशल संपन्न हुआ । दीक्षांत समारोह का आरंभ दीक्षांत शोभा यात्रा से हुआ | कार्यक्रमों के क्रम में शोभायात्रा के तत्पश्चात राष्ट्रगीत एवं विश्वविद्यालय के कुल गीत की प्रस्तुति विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा दी गई |
विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा स्वागत भाषण एवं विश्वविद्यालय की संक्षिप्त प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई। जिसमें उन्होंने कार्यक्रम के अध्यक्ष विशिष्ट अतिथियों के साथ सम्मानित मीडिया कर्मियों एवं विद्यार्थियों का अभिनंदन प्रकट किया उन्होनें अपने सम्बोधन में विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं भौतिक उपलब्धियों को बताया एवं भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलगीत की रचना के लिए प्रो चितरंजन कर एवं सङ्गीतबद्धता के लिए पंडित अजय चक्रवर्ती जी का हृदय से आभार प्रकट किया|
इसी क्रम में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 मांडवी सिंह एवं दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे माननीय मंत्री जयवीर सिंह जी एवं विशिष्ट अतिथि माननीय मंत्री रजनी तिवारी जी के द्वारा सभी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्वर्ण ,रजत एवं कांस्य पदकों का वितरण किया गया जिसमें कुल 40 पदक के साथ पीएच0डी0 के 9 शोधार्थीयों को डिग्री प्रदान की गई | जिनमें—
• 25 स्वर्ण पदक
• 07 रजत पदक
• 08 कांस्य पदक
सर्वोच्च 08 पदक एम.पी.ए. (कथक नृत्य) की छात्रा अंशिका कटारिया को प्रदान किए गए ।
दीक्षांत समारोह के अवसर पर राजभवन उत्तरप्रदेश द्वारा निर्देशित निर्देशन के क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए हुए ग्रामों में विभिन्न आयु वर्ग एवं विषयवार प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया एवं विश्वविद्यालय के अध्यापन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों में विश्वविद्यालय के नृत्य विभाग की शिक्षिका डॉ0 रुचि खरे, गायन विभाग के शिक्षक विनीत पवैया एवं डॉ0 कृतिका त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
अध्यक्ष महोदय द्वारा हरदोई जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों को किट का वितरण किया गया एवं हरदोई की मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा को स्मृति चिन्ह भेंट के पश्चात प्राथमिक विद्यालयों के प्राचार्य को पुस्तक भेंट किया गया।
दीक्षांत समारोह के अवसर पर अध्यक्ष के रूप में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री माननीय जयवीर सिंह जी एवं विशिष्ट अतिथि माननीय राज्य मंत्री उच्च शिक्षा-श्रीमती रजनी तिवारी उपस्थित हुई।
दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री माननीय जयवीर सिंह जी ने अपने सम्बोधन में आए हुए अतिथियों एवं संगीत प्रेमियों का आभार प्रकट किया एवं पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे जी का लगाया हुआ वटवृक्ष आज महान विश्वविद्यालय के रूप में प्रासंगिक है और बताया यह प्रदेश की प्रथम संगीत विश्वविद्यालय के रूप में प्रतिष्ठित है। यहाँ प्राप्त मेडल में 52.5 % भागीदारी के साथ महिलाओं की संख्या सर्वाधिक रही है। और यहां भी महिला शक्ति ने बाजी मारने का कार्य किया है जो अति प्रशंसनीय है।
विशिष्ट अतिथि माननीय राज्य मंत्री उच्च शिक्षा-श्रीमती रजनी तिवारी जी ने अपने सम्बोधन में बताया की 52.5% महिलाओं को प्राप्त मेडल यह बताता है कि बेटियों को मौका मिले तो सदैव उड़ने के लिए तैयार रहती हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. विनय सहस्स्र बुद्धे ने वर्चुअल रूप से दीक्षांत समारोह में अपनी शुभकामनाएं प्रेशित कीं।
विश्वविद्यालय की कुलपति ने दीक्षांत समारोह के अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथी को पुष्प एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया |
कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ सृष्टि धवन नें सभी आए हुए अतिथियों का, विद्यार्थियों का एवं दीक्षांत समारोह में सम्मिलित सभी सम्मानित आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात राष्ट्रगान के पश्चात दीक्षांत समारोह स्थल से शोभा यात्रा के प्रस्थान के साथ दीक्षांत कार्यक्रम सम्पन्न हुआ |




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