चर्चा आज की फतेहपुर ब्यूरो




फतेहपुर जिले के असोथर नगर पंचायत का हाल दिन- प्रतिदिन बेहाल होता जा रहा है..! इसका सबसे बड़ा कारण मनमानी ढंग से लाल सोने का व्यापार करने वाले मोरम घाट संचालक व भारी भरकम वाहन के जरिए मोरम का व्यवसाय करने वाले कारोबारी है..! नगर पंचायत क्षेत्र में भारी भरकम ओवरलोड वाहनों की धमा चौकड़ी एवं उड़ते धूल के गुबार की खबर जब प्रकाशित की गई तो आनन-फानन में मोरम घाट संचालक ने ट्रैक्टर टैंकरो के जरिये मार्ग पर इतना ज्यादा पानी डलवा दिया कि जगह-जगह कीचड़ युक्त मार्ग आने-जाने वाले राहगीरों एवं छात्र-छात्राओं के लिए मुसीबत बन गया..! स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास मार्ग से अगर भारी वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है, किन्तु मोरम कारोबारी क़स्बा के भीतर से वाहनों का आवागमन कराते हैं जिसकी वजह से कभी धूल तो कभी कीचड़ युक्त मार्ग उनके लिए मुसीबत बन जाता है..! एक मोटरसाइकिल सवार राहगीर ने बताया कि इस मार्ग से आना-जाना काफी जोखिम भरा है..! आए दिन स्कूल आने-जाने वाले बच्चे इस मार्ग पर गिरकर जहां चुटहिल हो जाते हैं। वही कभी-कभार भारी भरकम वाहन चलाने वाले अनट्रेंड ड्राइवर की वजह से बड़ा सड़क हादसा भी हो जाता है। मनमानी ढंग से वाहनों को चलाने की वजह से कई राहगीर हादसे का शिकार भी बन चुके हैं, किंतु इस ऒर सुधि लेने वाले जिम्मेदार विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मोटे कमीशन के चक्कर में ध्यान नहीं देते है..! एक राहगीर का कहना रहा की झाल-असोथर से लेकर कौहन गांव तक आना-जाना खतरों से भरा है, लेकिन घाट संचालक के जगह-जगह लगे गुर्गों की वजह से कोई भी मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता..! कुल मिलाकर जिस तरह से इस मार्ग पर भारी भरकम वाहनों की मनमानी देखने को मिल रही है वह भविष्य के लिए बड़े खतरे की तरफ आगाह करने जैसा है..! इस मार्ग पर रहने वाले क्षेत्रीय लोगों एवं राहगीरो का कहना है कि अगर समय रहते भीषण जाम एवं अन्य समस्याओ का निदान ना किया गया तो उनके अंदर जो रोष भरा है वह कब आक्रोश में बदल जाए स्वयं नहीं जानते..!

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