बैठक में उपाध्यक्ष गीता ज्ञान प्रकाश पटेल व पार्षद वार्ड क्रमांक 12 पुष्पा शारदा गौतम ने किया हंगामा 15 दिवश का अल्टीमेटम देकर किया बैठक का बहिष्कार
दीपक शर्मा की रिपोर्ट उमरिया
अपनी कार्यप्रणाली को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाली नवगठित नगर परिषद मानपुर प्रशासन खबर प्रशासन के बाद जागा है और 10 महीने बाद आज जब परिषद की बैठक बुलाई गई तो बैठक और कार्रवाई का उपाध्यक्ष गीता ज्ञानप्रकाश पटेल एवं पार्षद वार्ड क्रमांक 12 श्रीमती पुष्पा शारदा गौतम ने बहिष्कार करते हुए नप प्रशासन को 15 दिवस का अल्टीमेटम देकर भारी हंगामा मचाया।परिषद की उपाध्यक्ष गीता देवी एवं वार्ड पार्षद पुष्पा गौतम का कहना है कि हमारे वार्ड में आज दिनांक तक कोई भी विकास के आवश्यक कार्य ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रारंभ नहीं किए गए जबकि इस संबंध में पूर्व की बैठकों में प्रस्ताव दिए जा चुके हैं बावजूद इसके कोई भी काम नहीं शुरू हुआ इतना ही नहीं यहां पर हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध के भी कोई कार्य आरंभ नहीं किए गए उपाध्यक्ष गीता देवी ने बताया कि मेरा वार्ड क्रमांक 2 सेमरी में शत प्रतिशत मतदान लोकसभा निर्वाचन में किया गया था जिस पर जिले के मुखिया कलेक्टर महोदय ने पहुंचकर मतदाताओं को सम्मानित करते हुए मंच के माध्यम से वार्ड क्रमांक 2 का प्राथमिकता के साथ सर्वांगीण विकास की घोषणा की थी जिसको आज तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका नगर परिषद मानपुर की कांग्रेस महिला पार्षद द्वय का आरोप है की भाजपा समर्थित नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती भारती सोनी स्वयं एक महिला होकर भी निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करती है इतना ही नहीं हमारे वार्ड वासियों के साथ भेदभाव कर नप प्रशासन द्वारा नगर के विकास को अवरुद्ध किया जा रहा है जिससे हम और हमारे वार्ड के नागरिकों में रोष व्याप्त है यदि हमारे वार्डों में 15 दिवस के भीतर उक्त विकास कार्यों को आरंभ नहीं कराया जाता तो हमारे द्वारा परिषद कार्यालय में ही धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेवारी नगर परिषद प्रशासन व अध्यक्ष भारती सोनी की होगी। ज्ञातव्य है कि नगर पालिका अधिनियम 1961 संशोधन वर्ष 2015 संशोधन वर्ष 2015 के अधीन 60 दिवस के भीतर परिषद की बैठक बुलाए जाने की अनिवार्यता होती है लेकिन नगर परिषद मानपुर द्वारा उक्त नियम को भी दरकिनार किया गया और आज 20 नवंबर को 10 महीनों के बाद इस मामले को मीडिया द्वारा उठाए जाने के पश्चात आनंन-फानन में परिषद की बैठक बुलाकर कोरम पूरा करने का प्रयास किया गया जिस पर परिषद के उक्त पार्षदों ने पानी फेर दिया जन चर्चा है कि नवगठित नगर परिषद मानपुर के अस्तित्व में आने के बाद नगर का कोई भी विकास नहीं हुआ हां परिषद के जिम्मेदारों ने परिषद के ठेकेदारों और इंजीनियर से मिलकर अपना विकास जरूर किया है। नगर परिषद मानपुर की वार्ड क्रमांक 2 पार्षद गीता देवी एवं वार्ड क्रमांक 12 पार्षद पुष्पा गौतम का कहना है कि नगर परिषद मानपुर की अध्यक्ष पद पर भारती सोनी निर्वाचित हुई है जो कि महज़ नाम की ही अध्यक्ष हैं परिषद का प्रत्येक कार्य उनके पतिदेव द्वारा स्थानीय विधायक के इशारों पर करवाया जाता है जिससे मानपुर नगर के विकास को ग्रहण सा लग गया है इतना ही नहीं नगर परिषद मानपुर के गठन के ढाई वर्ष बीत जाने के पश्चात भी यहां पर एक भी आवास की स्वीकृति नहीं हुई जबकि स्थानीय बस स्टैंड में नगर परिषद अध्यक्ष पति द्वारा सार्वजनिक रूप से मीडिया को बयान दिया गया था कि यहां पर आवास प्लस के तहत तकरीबन 5000 से भी ज्यादा आवासों की मंजूरी हो चुकी है जो कि लोकसभा आचार संहिता हटने के पश्चात लोगों को दिए जाएंगे लेकिन यह भी सिर्फ एक चुनावी जुमला निकला। इतना ही नहीं यहां पर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधा संरचनाएं जैसे बस स्टैंड,सार्वजनिक शौचालय, गौशाला,ऑडिटोरियम,पब्लिक गार्डन,रैन बसेरा आदि का निर्माण भी आज दिनांक तक नहीं प्रारंभ किया जा सका इसके अतिरिक्त साफ सफाई का भारी भरकम बजट गलाने के बाद भी नगर का सारा कचरा समेटकर नगर के भीतर ही केवट बस्ती में फेंका जा रहा है और कोई भी कचरा विनस्टीकरण संबंधी संयंत्र नहीं बनाया गया,नगर के कई वार्डों में नाली निर्माण,सड़क निर्माण आदि कार्यों को प्रारंभ तो किया गया है लेकिन उन्हें आधा अधूरा ही छोड़ दिया गया है जिससे आम जन को आवागमन तक की भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।नगर परिषद मानपुर कि उक्त वार्ड पार्षद गीता देवि और पुस्पा गौतम समेत नगर वासियों ने परिषद की कार्य प्रणाली को शीघ्र चुस्त दुरुस्त कर नगर के विकास को पटरी पर लाने की जिला कलेक्टर उमरिया एवं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन शहडोल से मांग की है।





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