हैदराबाद: टेलंगाना कांग्रेस में पुराने सदस्यों और नए नेताओं के बीच विवाद फिर से सार्वजनिक हुआ है। यह विवाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Damodar Rajanarasimha और Jukkal के विधायक Laxmikantha Rao के बीच हुआ।




दिल्ली में होटल विवाद की शुरुआत
इस हफ्ते की शुरुआत में नई दिल्ली के Shangri-La होटल में “रेत खनन के स्वार्थ” और संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर विवाद शुरू हुआ। इस लड़ाई की गूंज हैदराबाद में भी सुनाई दी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, Laxmikantha Rao ने दावा किया कि Rajanarasimha ने उनपर गाली दी और उन्हें कमरे में बंद करके मारने की धमकी दी। वहीं Rajanarasimha को यह बर्दाश्त नहीं कि एक पड़ोसी जिले के विधायक उनके क्षेत्र में दखल दे रहे हैं।
असली कांग्रेस बनाम कब्जा कांग्रेस
Rajanarasimha ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अब “कब्जा कांग्रेस” नेताओं द्वारा चलाई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम असली कांग्रेस नेता हैं और जल्द ही अपनी ताकत दिखाएंगे।” विवाद बढ़ने पर, टेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष B. Mahesh Kumar Goud ने शांति के लिए बैठक बुलाई, लेकिन मंत्री ने आखिरी समय में बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिससे बैठक स्थगित हो गई।
नई दिल्ली की हाई कमान में मामला
मामला अब All India Congress Committee (AICC) की शीर्ष कमान तक पहुंच चुका है, जहां वरिष्ठ नेता दोनों पक्षों की कार्रवाइयों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि पार्टी अनुशासन बहाल किया जा सके।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रभाव
Damodar Rajanarasimha राज्य राजनीति के अनुभवी नेता हैं, जबकि Laxmikantha Rao पहली बार विधायक बने हैं और स्थानीय प्रभाव रखते हैं। 2023 विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में कई नेता Bharat Rashtra Samithi (BRS) और Bharatiya Janata Party (BJP) से आए, जिसे ‘कब्जा कांग्रेस’ का कारण बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के सामने चुनौती
यह विवाद मुख्यमंत्री Revanth Reddy तक पहुंच गया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके मंत्री मंडल के बिल क्लियर नहीं हो रहे हैं और केवल उन बिलों को मंजूरी मिलती है जिनमें कमीशन की मांग होती है। अन्य विधायक जैसे अनिरुद्ध रेड्डी और कोमटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी ने भी क्षेत्रीय अनदेखी और फंड रोकने की शिकायत की है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियां
विपक्षी दल कांग्रेस की इस टूट को शासन की असफलता का संकेत बता रहे हैं। BRS के कार्यकारी अध्यक्ष K.T. Rama Rao ने कहा कि मंत्री और विधायक रेत खनन लाभ और जिला पदों पर झगड़ रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज बंद हो गया है।
आने वाले वर्षों में टेलंगाना कई राजनीतिक परीक्षाओं का सामना करेगा, जहां कांग्रेस का यह आंतरिक संघर्ष बड़ी चुनौती साबित होगा।

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