कौन है मनीष कश्यप
पश्चिमी चंपारण जिले के एक छोटे से गांव डूमरी महनवा में जन्मे मनीष कश्यप का असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है। उसके पिता उदित कुमार तिवारी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। गांव में ही पढ़ाई-लिखाई करने के बाद मनीष आगे की पढ़ाई के लिए महाराष्ट्र चला गया। साल 2016 में उसने महाराष्ट्र के पुणे के सावित्रीबाई फूले यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई खत्म करने के बाद नौकरी करने के बजाए मनीष वापस अपने गांव लौट गया।




कैसे शुरू हुई वीडियो बनाने की कहानी
मनीष ने नौकरी करने के बजाए अपने गांव वापस आकर फेसबुक और यूट्यूब पर वीडियो के जरिए आस-पास की खबर बतानी शुरू की। वो सरकार की गलतियां, भ्रष्टाचार से जुड़े वीडियो बनाने लगा। मनीष कश्यप ने सच तक नाम से यूट्यूब चैनल बनाया। साल 2019 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में किंग एडवर्ड-7 की प्रतिमा लगी थी, जिसे तोड़ दिया गया। प्रतिमा तोड़ने वालो में मनीष भी शामिल था, इसके बाद से ही वो चर्चा में रहने लगा। उसके चैनल पर 63 लाख से ज्यादा से सब्सक्राइबर्स हैं। इंस्टाग्राम पर 1.16 लाख लोग मनीष कश्यप को फॉलो करते हैं। फेसबुक पर उनके 4 करोड़ से ऊपर फॉलोअर हैं। ये फॉलोअर्स असकी सबसे बड़ी जमापूंजी है।
कितनी है कमाई
यूट्यूब के जरिए पत्रकारिता करने वाले मनीष कश्यप की कमाई लाखों में है। हाल ही मनीष कश्यप के खाते की तलाशी की गई, जिसमें से लगभग 42 लाख रुपए थे। मनीष की दिल्ली, पटना समेत कई शहरों में प्रॉपर्टी है। मनीष का इनकम मीडिया कंपनी और गूगल एडसेंस से होता है। इसके अलावा वह स्पॉन्सरशिप और ब्रांड एंडोर्समेंट से कमाई करता है। मनीष अपने वीडियो, व्यूज और एड से 10 से 19.32 लाख रु. तक कमा लेता हैं। अनुमान है कि मनीष कश्यप की कुल संपत्ति 63 लाख रुपये की है।

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