हैदराबाद: भारत के मशहूर गायक पी. जयचंद्रन, जिन्हें उनके सुंदर गायन के लिए ‘भाव गायकन’ के नाम से भी जाना जाता था, का 9 जनवरी को केरल के त्रिशूर में निधन हो गया. उन्होंने 80 साल की उम्र में एक निजी मेडिकल कॉलेज में आखिरी सांस ली.




अस्पताल सूत्रों ने बताया कि गायक का गुरुवार शाम करीब 7.55 बजे इलाज के दौरान निधन हो गया. उन्होंने बताया कि गुरुवार (9 जनवरी) को उनके आवास पर उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वह लंबे समय से समय से बीमार थे.
पी. जयचंद्रन के परिवार में पत्नी ललिता, बेटी लक्ष्मी और बेटा दीनानाथन हैं, जो खुद भी गायक हैं. शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर त्रिशूर के पूमकुन्नम स्थित उनके आवास पर लाया जाएगा और साहित्य अकादमी हॉल में जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. उनका अंतिम संस्कार शनिवार को दोपहर 3 बजे चेंदमंगलम स्थित उनके पैतृक घर में किया जाएगा.
पी. जयचंद्रन को सिनेमा में उनके योगदान के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 2020 में केरल सरकार के जे सी डैनियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. जे सी डैनियल अवॉर्ड फिलम इंडस्ट्री में केरल का सबसे बड़ा फिल्म अवॉर्ड है. इसके अलावा, उन्होंने पांच बार केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड और दो बार तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीते थे. फिल्म श्री नारायण गुरु में ‘शिव शंकर शरण सर्व विभो’ के परफॉर्मेंस ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलवाया था.
3 मार्च 1944 को कोचीन राजघराने में जन्मे जयचंद्रन ने जूलॉजी में ग्रेजुएशन किया और कुछ समय तक काम करने के बाद, गायन को अपना जुनून बना लिया. छह दशकों से अधिक के सिंगिंग करियर में उन्होंने मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी में 16,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए.
अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई संगीतकारों के साथ काम किया, जिनमें ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी, जी. देवराजन, इलियाराजा, एआर रहमान जैसे दिग्गज शामिल हैं. संगीत के अलावा, जयचंद्रन ने ‘त्रिवेंद्रम लॉज’, ‘नखक्षथंगल’ और ‘श्रीकृष्णपरुंथ’ सहित कई फिल्मों में भी एक्टिंग भी की थी.

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