भारत में नए खरीदे वाहनों की पूजा कराने की परंपरा है। लोगों का अपने दोपहिया या चारपहिया वाहन को खरीदने के बाद मंदिर लेकर आना आम है, लेकिन तेलंगाना के एक बिजनेसमैन हेलीकॉप्टर खरीदने के बाद इसकी पूजा कराने के लिए मंदिर पहुंचे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हैदराबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर एक मंदिर में तीन पुजारियों ने इसकी पूजा की।




यदाद्री मंदिर में पूजा
करीब
47 करो़ड़ कीमत के इस हेलीकॉप्टर (एयरबस ACH 135) को प्रतिमा ग्रुप के
मालिक बोइनपल्ली श्रीनिवास राव ने खरीदा है। वो इसे श्री लक्ष्मी नरसिम्हा
स्वामी को समर्पित यदाद्री मंदिर में पूजा के लिए ले गए थे। वीडियो को सोशल
मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया था। प्रतिमा ग्रुप की मौजूदगी
इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, टेलीकॉम सेक्टर, हेल्थ और
एजुकेशन समेत अन्य क्षेत्रों में है।
H135 लगभग हर जगह लैंड होने में सक्षम
एयरबस के सबसे
सफल हल्के रोटरक्राफ्ट में से एक के रूप में, H135 अपने कॉम्पैक्ट बिल्ड,
लो साउंड लेवल, रिलायबिलिटी के लिए जाना जाता है।’ ट्विन-इंजन कैटेगरी में
इस हेलीकॉप्टर की ऑपरेटिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट भी सबसे कम है। यह अपनी
कैटेगरी के अन्य हेलीकाप्टरों की तुलना में लंबी दूरी पर अधिक पेलोड के साथ
कई तरह के मिशन परफॉर्म कर सकता है और लगभग हर जगह लैंड कर सकता है।
क्यों कराई जाती है वाहन पूजा?
हिंदू धर्म में वाहन को
भगवान गरुड़ का स्वरूप माना गया है। कहा जाता है कि गरुड़ भगवान की कृपा
से ही व्यक्ति यात्राएं करता है। इसीलिए मान्यता प्रचलित है कि नया वाहन
खरीदने पर इसकी पूजा जरूर करनी चाहिए। माना जाता है कि इससे व्यक्ति यात्रा
के दौरान सुरक्षित रहता है। वाहन पूजा करने से गाड़ी किसी दुर्घटना का
शिकार नहीं होतीं।

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