लखनऊ: लखनऊ में सुसाइड नोट में लिखकर आईआईटी की तैयारी कर रहे छात्र ने हॉस्टल में की आत्महत्या. लिखा की मम्मी-पापा माफ कर देना… मैं जिंदगी से ऊब गया हूं. मौके से मिले सुसाइड नोट और छात्र के मोबाइल को पुलिस ने जांच के लिए भेज दिया. प्रेम प्रसंग, पढ़ाई का दबाव और अन्य पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है.




बिहार के चंपारण में सिस वानिया के रहने वाले, सरकारी शिक्षक दिनेश कुमार के बेटे अनमोल (17) हज़रतगंज स्थित, नरही में शिवांगी वैश्य के हॉस्टल में रहता था. वह फिजि़क्स वाला (PW) से आईआईटी की कोचिंग कर रहा था. शनिवार रात उनका रूममेट सुलतानपुर निवासी किशलय तिवारी घर चला गया था.
रविवार सुबह अनमोल कमरे से नहीं निकला, तो बगल के कमरे में रहने वाले रूपेश पांडेय और सागर ने दोपहर तीन बजे आवाज़ दी. जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांका तो अनमोल को मृत देखा.
हज़रतगंज पुलिस फोरेंसिक टीम की मदद से दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई. जहां एक पेन, सुसाइड नोट और मोबाइल मिला, सामान को फोरेंसिक टीम को जांच के लिए भेज दिया गया है.मृतक की फुफेरी बहन चौक निवासी रागिनी शर्मा ने शव की शिनाख्त की. कहा कि सुसाइड नोट अनमोल ने नहीं लिखा है. उसकी स्कूल कॉपी मंगाई गई है. चर्चा है कि अनमोल के कान में ब्लूटूथ लगा था, मामले की जांच होनी चाहिए.इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक प्रेम प्रसंग, पढ़ाई का दबाव और अन्य पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है।

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