नई दिल्ली: जब से राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला है, तब से 16 महीनों में उनका सफर काफी कड़वा रहा है। सच कहा जाए तो हिट से ज्यादा मिस हुई हैं। दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट और वनडे सीरीजों में हार, एशिया कप के फाइनल के लिए क्वॉलिफाइ नहीं करना और टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में 10 विकेट से हार द्रविड़ युग के लिए सबसे कड़वे रहे। दूसरी ओर, सकारात्मक भी रहे हैं.. जैसे कि घर में भारत में हर सीरीज जीती और ऑस्ट्रेलिया पर 2-1 से जीत के साथ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को बरकरार रखना।




द्रविड़ से पहले टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री थे। चीफ कोच के तौर पर राहुल द्रविड़ से तुलना पर रवि शास्त्री ने बड़ा ही रोचक वनलाइन मारा। उन्होंने कहा कि उनके समय में टीम इंडिया दो बार एशिया कप विनर रही। उन्होंने कहा- इसमें समय लगता है। उन्हें (राहुल द्रविड़) भी समय लगने वाला है, लेकिन राहुल के पास एक फायदा है कि वह एनसीए में थे, वह ए टीम के साथ भी थे और अब वह यहां भी हैं। अधिकतर खिलाड़ी उनके समय के हैं।

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