आजकल हर फिल्म में वीएफएक्स का खूब धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है। तकनीक भी उपलब्ध है तो वीएफएक्स भी भरपूर मात्रा में परोसा जा रहा है। लेकिन जब वीएफएक्स का जमाना नहीं था, जब स्पेशल कंप्यूटर नहीं थे, तब रामानंद सागर ने अपने सीरियल ‘रामायण’ को जुगाड़ से शूट किया था। आपने ‘रामायण’ सीरियल देखा है, तो गौर किया होगा कि युद्ध वाले सीन में कभी तीरों और अस्त्रों का टकराव, अलग तरह के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ दिखाया जाता था। क्या आप जानते हैं कि रामानंद सागर ने उन सीन्स के लिए क्या ट्रिक लगाई थी? किसी तकनीक या कंप्यूटर की मदद के बिना ऐसे बहुत सारे सीन्स थे, जो रामानंद सागर ने जुगाड़ से शूट किए थे। किसी सीन के लिए अगरबत्ती का इस्तेमाल हुआ तो किसी में रुई यानी कॉटन का। WoW Wednesday सीरीज में जानिए ‘रामायण’ के उन सीन्स के बारे में, जिन्हें जुगाड़ से बनाया गया।




मिनिएचर और कटआउट का यूज
प्रेम सागर ने फिर उस सीन के बारे में बताया था जिसमें भगवान शिव हिमालय पर्वत पर नाच रहे हैं। उस सीन में स्पेशल इफेक्ट के लिए स्लाइड्स का इस्तेमाल किया गया था। इसमें स्क्रीन पर बैकग्राउंड में प्लेनेट के छोटे-छोटे मिनिएचर रखे गए और फिर स्लाइड प्रोजेक्टर में अलग-अलग स्लाइड्स लगाए गए। वहीं जहां पर पहाड़ होते थे तो उन सीन्स के लिए 10 से 15 फीट के मिनिएचर यूज किए गए।
इस ट्रिक से टकराते थे तीर
लॉकडाउन में ‘रामायण’ ने बनाया था रिकॉर्ड
‘रामायण’ को पहली बार 1987 में दूरदर्शन पर टेलिकास्ट किया गया था। इसमें अरुण गोविल ने भगवान राम, दीपिका चिखलिया ने सीता और सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था। इस शो में जितने भी कलाकार नजर आए, उन्हें उनके निभाए किरदारों ने हमेशा के लिए अमर कर दिया। अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया तो जहां भी जाते लोग उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते थे। साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान ‘रामायण’ को दोबारा टेलिकास्ट किया गया था और तब इसने व्यूअरशिप के मामले में रिकॉर्ड बनाया था। ‘रामायण’ दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टीवी शो बन गया था।

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