नोएडा। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस के दामन पर पर एक बार फिर रिश्वत के दाग लगने का मामला सामने आया है। कोतवाली सेक्टर-113 के एसएचओ पर कोतवाली में दबाव बनाकर समझौता कराने और समझौता की एवज में दो लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है।




शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा जोन के एडीसीपी को जांच सौंपी है। साथ ही एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया है।
पर्थला खंजरपुर के सतीश यादव ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र सौंपा। उसने कहा कि नौ अप्रैल को पड़ोसी से विवाद हो गया था। आरोपितों ने घर में घुसकर मारपीट की थी। इसकी सूचना पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ करके उसके परिवार के लोगों को ही हवालात में बंद कर दिया।
फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी
फर्जी मुकदमा लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। यही नहीं दूसरे पक्ष को पांच लाख रुपये देने के लिए दवाब बनाया। 4.5 लाख रुपये में सौदा हुआ। आरोप है कि ढाई लाख रुपये पड़ोसी राजाराम के पुत्र को दिलाए। जिसकी वीडियो भी है। साथ ही दो लाख रुपये समझौता कराने के लिए एसएचओ ने लिए।
अब चार दिन पहले राजाराम की सामान्य मौत के बाद शव सड़क पर रखवाकर जाम लगवा दिया। सतीश का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर भाई सुभाष यादव को गिरफ्तार कर मारपीट की। इसके बाद उसे जेल भेज दिया। इसके बाद पुलिस घर में घुसकर जबरन डीवीआर ले आई। ताकि पुलिसकर्मियों की पोल न खुल जाए।
एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। फिलहाल एसएचओ जितेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।

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