हरदोई । जिले में पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन की निष्पक्षता और ईमानदारी के बावजूद महिला थाने में अनुशासनहीनता और नियमों की अनदेखी के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। महिला थाने की थानाध्यक्ष रामसुखारी पर आरोप है कि उन्होंने एक बाहरी व्यक्ति को थाने के सरकारी कामकाज में अवैध रूप से शामिल कर रखा है। यह व्यक्ति थाने के कंप्यूटर का उपयोग करता है, मुकदमों की विवेचना तक में भूमिका निभाता है, और थाने के ऊपरी कार्यों का संचालन करता है।




सूत्रों की मानें तो यह बाहरी व्यक्ति थानाध्यक्ष का करीबी है और उसे थाने में बाकायदा एक रूम और कंप्यूटर भी उपलब्ध कराया गया है। महिला थाने में मौजूद प्रशिक्षित और योग्य महिला आरक्षियों को दरकिनार करते हुए इस बाहरी व्यक्ति को तरजीह देना न केवल अनुचित है, बल्कि नियमों और कानून का खुला उल्लंघन भी है।
सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि इस बाहरी व्यक्ति को थाने के कंप्यूटर का आईडी और पासवर्ड भी सौंप दिया गया है। यह न केवल गोपनीयता का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी नियमों और साइबर सुरक्षा के प्रावधानों का भी घोर अपमान है। सवाल उठता है कि आखिर थानाध्यक्ष ने किस अधिकार से एक बाहरी व्यक्ति को थाने के संवेदनशील कामों तक पहुंचने दिया?
महिला आरक्षियों को दरकिनार करना और बाहरी व्यक्ति को प्राथमिकता देना महिला सशक्तिकरण के सिद्धांतों के भी विपरीत है। इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।मामले की उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पुलिस विभाग की निष्पक्षता और अनुशासन कायम रह सके।

विज्ञापन हेतु
रिपोर्टर बनने के लिए संपर्क +91-9355638761, +91-8429092222
सहयोग राशी 1150/- रूपये मात्र



