हरदोई




“धर्म रक्षा ही देश काल दोनों के लिए सर्वथा लाभप्रद और सर्वहितकारी होती है। विधर्मी जब सत्ता में आए तो हानिप्रद होता है, सत्संग से मनुष्य विवेक जागृति की ओर जाकर श्रद्धावान बनता है। लीलाधारी की लीला से हम सभी अपने-अपने पात्रता की लीला कर रहे हैं। कर्म और योग के संदेश को हम अपने में समाहित करें तो निश्चय ही कल्याणकारी साबित होगा”
उक्त सारगर्भित संदेश न्यू सिविल लाइन, डीएम आवास पी डब्ल्यू ऑफिस के पास चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के पांचवें दिन वृंदावन धाम से पधारे अविचल जी महाराज ने व्यक्त किए। कथा व्यास अविचल जी महाराज ने लीला धारी श्री कृष्ण के बाल स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि संत की परीक्षा,अपनी समीक्षा और परमात्मा की प्रतीक्षा करनी चाहिए। प्रेम और योग के संदेश को मनुष्य अपने आचरण में उतारे तो जीवन धन्य समझो। व्यास जी ने कहा कि प्रेम से ही प्रभु को पाया जा सकता है। श्री कृष्ण की बाल लीला, कालिया मर्दन, पूतना वध, गोवर्धन लीला के व्याख्यान से भक्तगण अभिभूत हुए। इसके पूर्व मुख्य यजमान राजीव सिंह सोनी सिंह ने व्यास पूजन किया।
इस अवसर पर सोनी सिंह, संजीव सिंह, आशुतोष सिंह, शुभम सिंह, प्रियम सिंह, प्रदीप त्रिवेदी, दीपक सिंह, सचिन मिश्रा, प्रदीप त्रिवेदी, संजय मिश्रा, बृजेश अवस्थी, राम किंकर बाजपेई, सुशील मिश्रा ,अशोक सिंह लालू सहित तमाम भक्त ने कथा श्रवण की।

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