हमीरपुर।
जनपद में बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष विभा भारती के नेतृत्व में विशेष बाल श्रम रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों, होटलों, ढाबों, दुकानों, कारखानों व अन्य कार्य स्थलों पर औचक निरीक्षण कर बाल श्रम न कराने को लेकर कड़ा संदेश दिया।
अभियान में बाल संरक्षण अधिकारी अग्निहोत्री, जया पांजपेई (विधि सह परिवीक्षा अधिकारी), चाइल्ड हेल्पलाइन से डीसी सफवान, श्रम विभाग से विवेक मिश्रा सहित उनके सहयोगी अधिकारियों की सशक्त मौजूदगी रही। टीम ने मौके पर मौजूद व्यापारियों व प्रतिष्ठान संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन गंभीर अपराध है, जिस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई तय है।
जागरूकता अभियान के दौरान आमजन को बाल श्रम के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया गया। टीम द्वारा पंपलेट वितरित कर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई तथा लोगों से अपील की गई कि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे तो तत्काल सूचना दें।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष विभा भारती ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अपराध है। समिति का लक्ष्य रेस्क्यू के साथ-साथ बच्चों का पुनर्वास, संरक्षण और शिक्षा सुनिश्चित करना है।
वहीं श्रम विभाग के विवेक मिश्रा ने दो टूक कहा कि बाल श्रम कराने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया कि अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के साथ-साथ रेस्क्यू किए गए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।






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