जनपद बांदा में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर स्वलाभ व्यवस्था के चलन का चरमोत्कर्ष।
*जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री से सुधार की मांग:- गरिमा सिंह पटेल।*
बांदा: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर बदहाली को लेकर समाज सुधार वाहिनी प्रकोष्ठ, जेडीयू की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में जिला अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की दयनीय स्थिति को सुधारने की मांग की गई।
*सीटी स्कैन मशीन बंद:*
बांदा जिला अस्पताल में पिछले पाँच महीनों से सीटी स्कैन मशीन बंद पड़ी है। इसके चलते गंभीर रोगियों, दुर्घटनाग्रस्त मरीजों और अन्य आवश्यक चिकित्सा सहायता के लिए आने वाले नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बाहरी निजी केंद्रों में कमीशनखोरी के कारण मरीजों से अधिक धनराशि वसूली जा रही है, जिससे गरीब वर्ग को चिकित्सा सुविधा लेना मुश्किल हो गया है।
*डॉक्टरों की भारी कमी:*
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की अत्यधिक कमी बनी हुई है। मरीजों की संख्या के अनुपात में डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद कम है, जिससे इलाज में देरी हो रही है और मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
*ट्रॉमा सेंटर में भ्रष्टाचार एवं दलाली का बोलबाला:*
बांदा ट्रॉमा सेंटर अब मात्र एक “रेफर सेंटर” बनकर रह गया है। यहां कार्यरत डॉक्टर और स्टाफ मरीजों को सरकारी अस्पताल में उचित इलाज देने के बजाय निजी अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं, जहां अधिक शुल्क लिया जाता है। एंबुलेंस सेवा से लेकर बाहरी निजी मेडिकल स्टोर्स तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है, जिससे गरीब मरीजों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
*ग्राम्य क्षेत्रों में पीएचसी एवं सीएचसी की दुर्दशा:*
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थिति अत्यंत खराब है। डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी है। कई डॉक्टर दूर-दराज के पीएचसी-सीएचसी में उपलब्ध नहीं रहते या फिर अपने निजी क्लीनिक में मरीजों को देखने में व्यस्त रहते हैं। आम जनता की शिकायतें लगातार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय तक पहुँच रही हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
*खाद्य एवं औषधि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार:*
औषधि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण निजी मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा दवाइयों की मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं। प्राइवेट मेडिकल स्टोर संचालक मनमानी दरों पर दवाइयाँ बेच रहे हैं, और विभाग के कुछ अधिकारी इसमें शामिल हैं। इस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की माँग की गई है।
*सरकार से माँग:*
*सीटी स्कैन मशीन को तुरंत चालू कराया जाए।*
*जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए एवं रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।*
*ट्रॉमा सेंटर में चल रहे भ्रष्टाचार को समाप्त करने हेतु सख्त कदम उठाए जाएं।*
*ग्राम्य क्षेत्रों में पीएचसी-सीएचसी की स्थिति सुधारने के लिए निगरानी समिति गठित की जाए।*
*खाद्य एवं औषधि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कार्यवाही की जाए।*
ज्ञापन में सम्मिलित लोग ,शालिनी सिंह पटेल जेडीयू नेत्री,बिहारीलाल, जिला सचिव जदयू दिव्यांगप्रकोष्ठ बांदा, कौशल किशोर यादव जिला महासचिव युवा प्रकोष्ठ जदयूबांदा, ज्योति मौर्य नगर अध्यक्ष अतर्रा जदयू महिला प्रकोष्ठ, पवन तिवारी,खुशबू किन्नर,जैसमीन किन्नर ,महेश कुमार,राजेश,निशा विश्वकर्मा,शिवम अमर दिन,मयंक आदि।





