उप निदेशक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ख़बर को बताया भ्रामक… जबकि हकीकत कुछ और…
ऐसी ही लापरवाही के कारण बुन्देलखण्ड महोत्सव में हुई थी बड़ी घटना… नौनिहाल बच्चों को गंवानी पड़ी थी जान…
चित्रकूट.. रानीपुर टाइगर रिजर्व के उद्घाटन में पहुंचे प्रभारी मंत्री मनोहर लाल उर्फ मन्नू कोरी की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली थी जहां पर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एक ऐसे वाहन से भ्रमण कराया गया था जिसका ना तो कोई रजिस्ट्रेशन है और ना ही कोई सरकारी रिकॉर्ड है यहां तक की गाड़ी का नंबर भी फर्जी है व गाड़ी का कलर तक फर्जी है जिस चालक द्वारा माननीय मंत्री जी को भ्रमण कराया गया था उस चालक के पास लाइसेंस तक नहीं है वहीं मंत्री जी की सुरक्षा में कोई सुरक्षा कर्मी भी नहीं लगे हुए थे जबकि मुख्य वन संरक्षक जब भ्रमण में निकले तो उनके साथ सुरक्षा गार्ड भी मौजूद रहे व सरकारी वाहन से भ्रमण किया गया था l
माननीय मंत्री जी की सुरक्षा में हुई चूक व भ्रमण की खबरें भी प्रकाशित हुई थी लेकिन उप निदेशक रानीपुर टाइगर रिजर्व द्वारा खबरों को फर्जी व भ्रामक बताने का काम किया गया व वाहन स्वामी की फोटो लगाकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई जबकि हकीकत यह है कि यह जिप्सी गाड़ी कहां से आई इसका नंबर क्या है व यह किस कलर की थी यह खुद उप निदेशक महोदय को पता नहीं है लेकिन प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उप निदेशक महोदय ने खबरों को ही झूठी करार कर दिया l




जीत आपकी चलो गांव की ओर जागरूकता अभियान के संस्थापक अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह राणा ने शासन प्रशासन को पत्र लिखकर माननीय मंत्री जी की सुरक्षा में हुई चूक व उनके भ्रमण में इस्तेमाल की गई जिप्सी वाहन की जांच कराए जाने की मांग की है वहीं उप निदेशक रानीपुर टाइगर रिजर्व से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत इस जिप्सी वाहन व वाहन चालक का रिकॉर्ड मांगा है वहीं शासन प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि माननीय मंत्री जी की सुरक्षा आखिर क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई थी व बिना सुरक्षा के ही मंत्री जी को रानीपुर टाइगर रिजर्व में भ्रमण कराया गया व इस भ्रमण के दौरान एक प्राइवेट वाहन चालक को आखिर क्यों वाहन चलाने के लिए भेजा गया था l
बताते चलें कि गत महीनों पूर्व ही जिला मुख्यालय के चित्रकूट इंटर कॉलेज में बुंदेलखंड महोत्सव का बड़ा आयोजन किया गया था जिसमें सुरक्षा व्यवस्था सही तरीके से नहीं होने के कारण बड़ी दुर्घटना घटित हुई थी इस दुर्घटना में नन्हें मुन्ने नौनिहाल बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था इस मामले में जब जिला प्रशासन व आयोजकों से बात की गई तो उनके द्वारा भी गैर जिम्मेदाराना बयान दिया गया था इस महोत्सव के सबसे बड़ी जिम्मेदारी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी की थी जो कार्यक्रम में घटना होने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे व आनन फ़ानन में इन नौनिहाल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर इन बच्चों की मौत हो गई थी कुछ बच्चे घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिए थे l
इस बड़ी घटना के बाद बुंदेलखंड महोत्सव का आयोजन बंद कर दिया गया था लेकिन इन नौनिहाल बच्चों की हुई मौत पर किसी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी जबकि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होनी चाहिए थी लेकिन जिम्मेदारों द्वारा पल्ला झाड़कर मामले को रफा दफा करने का काम किया गया था l
माननीय प्रभारी मंत्री जी की सुरक्षा में हुई चूक के कारण एक बड़ा हादसा सामने आ सकता था लेकिन माननीय मंत्री जी की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई थी जिसके कारण यह लापरवाह अधिकारी फर्जी तरीके से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खबरों का खंडन करने में जुटे हुए हैं व खबरों को झूठी व भ्रामक बताते हुए पल्ला झाड़ने का काम कर रहे हैं l
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन द्वारा माननीय मंत्री जी की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही करने का काम किया जाएगा या फिर उप निदेशक महोदय ऐसे ही खबरों को झूठी व भ्रामक बताकर ऐसे ही पल्ला झाड़ने का काम करते रहेंगे l यह एक बड़ा सवाल है…?

विज्ञापन हेतु
रिपोर्टर बनने के लिए संपर्क +91-9355638761, +91-8429092222
सहयोग राशी 1150/- रूपये मात्र



