*वाराणसी में कफ सिरप माफिया पर शिकंजा कसता हुआ: शुभम जायसवाल और महेश सिंह पर 25-25 हजार का इनाम, संपत्ति कुर्की की तैयारी शुरू।*
वाराणसी।
नशीली कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में सक्रिय बड़े सिंडिकेट पर वाराणसी पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस रैकेट के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल पर पुलिस ने ₹25,000 का इनाम घोषित किया है। उसके बिजनेस पार्टनर और रोहनिया क्षेत्र स्थित गोदाम के मालिक महेश सिंह पर भी ₹25,000 का इनाम रखा गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए SIT, STF और एंटी-नारकोटिक्स विंग की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन दोनों अभी भी फरार हैं।
शुभम पर बड़ी कार्रवाई – संपत्ति कुर्की की तैयारी।
डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल के अनुसार पुलिस ने शुभम के आदमपुर स्थित कायस्थ टोला और सिगरा के बादशाहबाग कॉलोनी में कई बार दबिश दी, परंतु आरोपी हाथ नहीं लगा।
परिजनों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है कि यदि शुभम जल्द गिरफ्तार नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी और बुलडोजर कार्रवाई भी संभव है।
शुभम के अन्य सहयोगियों वरुण सिंह, गौरव जायसवाल और विशाल मल्होत्रा की तलाश भी पुलिस कर रही है।
विस्तृत नेटवर्क – 38 फर्में जांच के घेरे में।
शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद (वर्तमान में सोनभद्र जेल में बंद) समेत 38 फर्मों पर वाराणसी कोतवाली में NDPS एक्ट, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। ये सभी फर्में झारखंड के रांची स्थित शैली ट्रेडर्स के नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिसके जरिए बड़े पैमाने पर कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी होती थी।
शुभम के खिलाफ वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद सहित कई जिलों में केस दर्ज हैं। उसकी संभावित लोकेशन दुबई, कोलकाता, दिल्ली और उत्तराखंड में होने की भी चर्चा है।
महेश सिंह भी बना इनामी अपराधी।
19 नवंबर को रोहनिया के भदवर स्थित महेश सिंह के जिम के नीचे बने गोदाम से भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ था। इसी आधार पर महेश को भी आज इनामी आरोपी घोषित किया गया।
9 दिसंबर की बड़ी कार्रवाई – 30,000 कफ सिरप बरामद।
SIT ने 9 दिसंबर को शुभम के करीबी मनोज कुमार यादव के सूजाबाद स्थित गोदाम पर छापा मारकर 30,000 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद की, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹60 लाख बताई गई।
गोडाउन में पेटियों को पुराने भवन में गुप्त रूप से छिपाकर रखा गया था।
मौके से आजाद जायसवाल की गाड़ी भी बरामद हुई, जिससे मिली जानकारी ने पूरे नेटवर्क को सीधे शुभम तक जोड़ दिया।
FSDA की सख्त कार्रवाई – 128 से अधिक केस दर्ज।
फूड एंड सेफ्टी ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) ने निर्माण व वितरण स्तर पर शेल फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है।
वाराणसी में 15 नवंबर को 26 फर्मों पर FIR
बाद में 12 और फर्में चिन्हित।
जौनपुर में वन्या ट्रेडर्स व 3 अन्य फर्मों पर ₹2.6 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा।
कुल मिलाकर 128 से अधिक केस।
कई फर्मों के लाइसेंस निरस्त
ED की एंट्री – 500 करोड़ के आर्थिक घोटाले की जांच।
नवंबर 2025 में ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की है।
एजेंसी के अनुसार:।
रैकेट का आर्थिक दायरा ₹500 करोड़ से अधिक।
हवाला, बेनामी संपत्ति और शेल कंपनियों पर फोकस।
यूपी, एमपी, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल और झारखंड में छानबीन।
वाराणसी में 15 सदस्यीय ED टीम लगातार सक्रिय।
कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर
पुलिस, FSDA और ED की संयुक्त कार्रवाई से वाराणसी और पूर्वांचल के कई जिलों में फैले इस अवैध नशीले कफ सिरप नेटवर्क के खिलाफ कड़ा अभियान जारी है। जांच एजेंसियां इसे प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा कफ सिरप माफिया रैकेट मान रही हैं, और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे संभव हैं। ब्यूरो रिपोर्ट वाराणसी।





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