दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा और इसकी कुल लंबाई लगभग 1,390 किलोमीटर है। इसे जर्मन तकनीक से बनाया जा रहा है और अगले 50 साल तक इसमें कोई टूट-फूट नहीं होगी। इसमें कुल 12 लाख टन स्टील का इस्तेमाल हो रहा है जो 50 हावड़ा ब्रिज के बराबर है। साथ ही इस प्रोजेक्ट में 35 करोड़ क्यूबिक मीटर मिट्टी और करीब 80 लाख टन सीमेंट का इस्तेमाल हो रहा है। देश का पहला इलेक्ट्रिक हाइवे भी इस पर ही बन रहा है। इसमें गाड़ियां चलते-चलते रिचार्ज होंगी। अभी यह एक्सप्रेस आठ लेन का है लेकिन भविष्य में इसे बढ़ाकर 12 लेन का किया जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चलेंगी। आखिर इस एक्सप्रेसवे में ऐसा क्या खास है कि पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है?





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