कोटद्वार। प्रखंड दुगड्डा के अंतर्गत भूस्खलन की चपेट में आए ग्राम चूना-महेड़ा में स्थिति विकट हो गई है। गांव में चारों ओर मलबा नजर आ रहा है। छह घर मलबे की भेंट चढ़ गए हैं। गांव में लापता बुजुर्ग की तलाश के लिए दूसरे दिन भी एसडीआरएफ की टीम जुटी रही।




बताते चलें कि मंगलवार रात कोटद्वार व आसपास के क्षेत्र में मूसलधार बारिश हुई। बारिश के दौरान पौखाल-चूना महेड़ा मोटर मार्ग का बड़ा हिस्सा टूट गया और सड़क के निचले हिस्से में रह रहे घरों में पानी व मलबा घुस गया। इस सैलाब में 91-वर्षीय रहमत अली भी लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को राजस्व उपनिरीक्षक रवींद्र सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
गुरूवार को प्रभावित क्षेत्र से वापस लौटे राजस्व उप निरीक्षक ने बताया कि गांव में लोगों के घरों में दस से बारह फुट की ऊंचाई तक मलबा भरा हुआ है। एसडीआरएफ की टीम इतने भारी मलबे में दबे लापता बुजुर्ग रहमत अली की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही ग्रामीणों के घरों में भरे मलबे को निकालने में भी मदद कर रही है।
बताया कि गांव में रहमत अली के साथ ही रहमुद्दीन, बबली देवी पत्नी धर्मेंद्र सिंह, मंजू देवी पत्नी मनोहरी लाल, गोविंद राम व सुरेंद्र सिंह के मकान में पूरा मलबा घुस गया। बताया कि भूस्खलन से दो गाय, चार बकरियां व एक बछड़े की मौत हुई है।

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