नई दिल्ली: महंगाई की मार झेल रही है आम जनता इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उम्मीदें लगाए बैठी है। जब वित्त मंत्री ने कहा कि वो मिडिल क्लास के दर्द को समझती हैं, उनके दवाब से वो वाकिफ हैं तो देश की सबसे बड़ी जनसंख्या की आस और बढ़ गई है। ‘द ग्रेट इंडियन मिडिल क्लास’ अब हरसत भरी निगाहों से वित्त मंत्री की ओर देख रही है। सैलरी से ज्यादा महीने के खर्चों के बोझ से दबे ये मिडिल क्लास जो अक्सर ठगा महसूस करते हैं, क्या इस बार उनकी उम्मीदें पूरी होंगी? देश का बजट पेश होने वाला है। 1 फरवरी की तारीख नजदीक आ रही है। जैसे-जैसे ये तारीख नजदीक आ रही है देश की तरक्की में सबसे बड़ी भागीदारी निभाने वाले इस वर्ग की उम्मीदें भी बढ़ती जा रही है। अगर वित्त मंत्री इन बातों पर गौर कर लें तो इस मिडिल क्लास को राहत मिल सकती है। बजट में उनकी उम्मीदें पूरी हो सकती है।




इनकम टैक्स में राहत
देश का आम आदमी वित्त मंत्री की ओर टकटकी लगाकर देख रहा है उसकी निगाहें वित्त मंत्री की लाल फाइल पर टिकी है। उसे उम्मीद है कि वित्त मंत्री उसकी परेशानियों को समझते हुए राहत की घोषणा करेंगी। मिडिल क्लास को उम्मीद है कि इस बजट में इनकम टैक्स में राहत मिलेगी। आयकर दाताओं को उम्मीद है कि वित्त मंत्री टैक्स फ्री आय का दायरा बढ़ाएगी। सरकार 2.5 लाख की इस लिमिट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख कर दे। नौकरीपेशा चाहते हैं कि टैक्सेबल इनकम की लिमिट को बढ़ाकर पांच लाख किया जाए। वहीं इनकम टैक्स की सबसे ऊंची दर को 10 लाख रुपये की आमदनी से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाए।
बढ़ाई जाए 80सी के तहत मिलने वाली छूट की सीमा
आम आदमी जो अपनी नौकरी से थोड़ा बहुत बचाता है, उसपर टैक्स छूट भी चाहता है। वर्तमान में 80सी के तहत टैक्स छूट की सीमा मात्र 1.50 लाख रुपये है। लोग चाहते हैं कि इस लिमिट को बढ़ाकर कम से ढाई से तीन लाख रुपे की जाए। इनकम टैक्स में मिलने वाली स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर कम से कम 1 लाख करके वित्त मंत्री एक आम आदमी को बड़ी राहत दे सकती है।
होम लोन के दवाब से मिले थोड़ी राहत
मिडिल क्लास अपना घर, मकान खरीदने , बनाने के लिए लोन लेता है। होम लोन पर ब्याज दी मोटी रकम का भुगतान करता है, लेकिन जब टैक्स में छूट की बात आती है तो होम लोन पर मामूली सी छूट मिलती है। एक तरफ ब्याज में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण मिडिल कर्ज कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है, ऐसे में बजट से उसकी उम्मीदें बढ़ती जा रही है। एक नौकरीपेशा जो अपने बुढ़ापे के लिए कुछ सेविंग करता है, उसे उम्मीद है कि वित्त मंत्री उसपर टैक्स छूट की सीमा में बढ़ोतरी होगी। टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि वित्त मंत्री 80CCD (1B) की लिमिट बढ़ाएगी। वहीं हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम पर मौजूदा टैक्स छूट 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने की उम्मीद की जा रही है।

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