

सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलन – महान्त श्री अवध किशोर शरण जी महाराज, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष डॉ विभा सिंह, पंडित बृजभूषण गोस्वामी, श्री अवधेश सिंह पंडित राजकुमार झा, पं. विजय रामदास, डॉ. पवन तिवारी के द्वारा।




उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष डॉ विभा सिंह ने अपने संबोधन में मृदंग महर्षि डॉ राम शंकर दास उपाख्य श्री स्वामी पागल दास जी महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ आश्रम के शिक्षार्थियों द्वारा श्रीमती किरन देवी के नेतृत्व में सरस्वती वंदना एवं गुरु वंदना।

तत्पश्चात पं. प्रशांत मलिक एवं निशांत मलिक के द्वारा राग पटदीप में अलापचारी के पश्चात ताल धमार एवं शूलताल में दो बंदिशें प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। पखावज पर सुंदर संगत पं. राजकुमार झा जी के द्वारा किया गया।

तत्पश्चात स्वामी पागल दास जी के उत्तराधिकारी शिष्य पं. विजय रामदास एवं कौशिकी झा, अनुभव रामदास का पखावज वादन। पं. विजय राम दास ने ताल धमार में गणेश वंदना, गुरु वंदना एवं कई पारंपरिक परने प्रस्तुत की। लहरे पर संगत श्री वैभव रामदास ने की।
ध्रुपद समारोह के प्रथम दिवसीय कार्यक्रम की अंत में कृष्ण चंद्र गुप्ता जी के द्वारा विचित्र वीणा का बहुत मनमोहक वादन किया गया। तबले पर संगत पं. रविनाथ मिश्रा जी ने बहुत ही सुंदर ढंग से की।
मंच संचालन श्री देश दीपक जी ने बहुत ही सुंदर ढंग से किया।
सभी आगंतुकों का पंडित विजय रामदास ने आभार व्यक्त किया।



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