ब्यूरो चित्रकूट




चित्रकूट। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प,रैन वाटर हार्वेस्टिंग,बाला पेंटिंग, लर्निंग लैब, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, सैम प्रबंधन, अनुपूरक पोषाहार वितरण, वजन मशीनों की उपलब्धता, वीएचएसएनडी सेशन, पोषण पुनर्वास केंद्र, वीएचएसएनडी सेशन के दौरान गुणात्मक सुधार हेतु सुझाव, पोषण वाटिका, हाड़ कुक्ड योजना, सैम मैंम बच्चों की स्थिति, अन्नप्राशन व गोद भराई,टीएचआर में पोषाहार की उपलब्धता आदि की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास को निर्देश दिए कि गत माह पोषण पुनर्वास केंद्र में लक्ष्य के सापेक्ष कुपोषित बच्चों की भर्ती नहीं कराया गया है सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को चेतावनी दी जाए तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि आरबीएसके की टीम का वेतन रोकने की कार्यवाही सुनिश्चित करें, उन्होंने कहा कि माह फरवरी 2025 में लक्ष्य के सापेक्ष पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे भर्ती नहीं कराया गया तो संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों का भी वेतन रोका जाएगा,
आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जाए अगर आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए जाए तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका, सुपरवाइजर तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कराई जाए, उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास पीडी विश्वकर्मा को निर्देश दिये कि किशोरियों व गर्भवती महिलाओं व बच्चों के मध्य जो पोषाहार का वितरण किया जाता है उसको सही तरीके से करवाया जाए कहीं से कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए खंड विकास अधिकारियों से कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में जिनकी सूची कायाकल्प की दी गई है उसको पूर्ण कराया जाए,उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि समस्त सैम बच्चों की सूचना को पोषण ट्रैकर में जो प्रदर्शित है उनको ई- कवच पर फीडिंग सुनिश्चित कराए, जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन आदि उपकरण नहीं है या खराब हो गए है उसकी सूचना जिला पंचायत राज अधिकारी को दें ताकि ग्राम स्वास्थ्य निधि के माध्यम से मशीनों का कृय कराया जा सके, उन्होंने कहा कि सैम मैम,एच आर पी, वैक्सीनेशन, पोषाहार वितरण आदि मुख्य बिन्दु है इसमें अधिक फोकस किया जाए, उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि जो एल्बेंडाजोल की गोलियां 10 फरवरी से खिलाई जानी है उसकी जानकारी किसी सुपरवाइजर को नहीं है कि कितने उम्र के बच्चों व वयस्क को कितना डोज खिलाया जाना है उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि समय से सभी जगह दवाएं अवश्य पहुंचाया जाए मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि इसमें खंड विकास अधिकारियों को भी लगाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सच्चिदानंद प्रसाद, डीसी एनआरएलएम ओमप्रकाश मिश्र, अग्रणी जिला प्रबंधक इंडियन बैंक अनुराग शर्मा,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एम के जतारिया सहित संबंधित अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों सहित सुपरवाइजर मौजूद रहे।

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