




*अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के सीमावर्ती गांवों में बाघ का आतंक, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त*
अफजलगढ़, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व रेंज के सीमावर्ती गांवों में बाघों की बढ़ती गतिविधि से ग्रामीण भयभीत हैं। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह रायपुरी गांव निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र रमेश सिंह पर खेत में घास काटते समय बाघ ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। बाघ और गुलदार की गतिविधियां रोजाना आबादी के नजदीक खेतों में देखी जा रही हैं। क्षेत्रीय लोग बताते हैं कि गादला, खैराबाद, जयसिंहजोत, रेहड़, अमाननगर, रायपुरी, अलीगंज, लालपुरी और अंगदपुर जैसे गांवों के आसपास बाघ और गुलदार का खतरा बना हुआ है। शाम होते ही ये वन्यजीव आबादी के निकट आ जाते हैं, जिससे किसान और खेतों में काम करने वाले श्रमिक डर के कारण खेतों में जाने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने और वन्यजीवों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। क्षेत्रीय वनाधिकारी अंकिता किशोर ने बताया कि अक्टूबर से मार्च तक बाघ और अन्य बड़े वन्यजीवों का प्रजनन काल होता है, जिसके कारण इनकी गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

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