*हर लफ्ज़ को सीने में बसा लो तो बने बात…मदरसा मदीना के पांच छात्रों को हाफिज बनने पर दस्तारबंदी की गई*
ब्यूरो महोबा। जनपद के चरखारी कस्बे में मोहब्बत-ए-रसूल सहाबा अहले बैत कॉन्फ्रेंस और कुरान जश्ने दस्तार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मदरसा मदीना के पांच छात्रों को हाफिज बनने पर दस्तारबंदी की गई ।
मुफ्ती दारुल उलूम रब्बानियां सैयद गौहर रब्बानी ने कहा कि यह अल्लाह के रसूल मुहम्मद का मोहब्बत का पैगाम है। कार्यक्रम में मदरसा मदीना के पांच छात्रों – मुहम्मद अमन, मुहम्मद अरशद अत्तारी, मुहम्मद उवैस अत्तारी राठ, मुहम्मद शाबिर खान और
मुहम्मद अब्दुल रहमान को हिफ्ज की डिग्री दी गई।दरगाह आला हजरत बरेली से आए मौलाना मुहम्मद मन्नान रजा खान उर्फ़ मन्नानी मियां ने कहा कि इन छात्रों ने पूरा कुरान अपने सीने में उतार लिया है। किछौछा से आए मौलाना सैयद मोहम्मद कासिम अशरफ ने बताया कि इल्म इंसान को कामयाबी का रास्ता दिखाता है। यह दीन-दुनियावी समाज में अच्छाई-बुराई का फर्क समझाता है।
दस्तारबंदी समारोह में कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की। इनमें निस्वा कॉलेज जबलपुर के मुफ्ती मुहदिदस नईम अख्तर, सैयद खुर्शीद रब्बानी, दारुल उलूम रब्बानियां के प्रिंसिपल अबरार अहमद शामिल थे।
मदरसा के प्रधानाचार्य करी मोहम्मद आरिफ और सदर रियाज अहमद ने सभी का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम की निजामत आदिल जमील ने की।(संवाद)






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