नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोल्ड लोन लेने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इससे छोटे कर्जदारों को राहत मिली है. दरअसल, रिजर्व बैंक ने 2.5 लाख रुपये तक के गोल्ड लोन के लिए लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो को 75 फीसदी से बढ़ाकर 85 फीसदी करने का फैसला किया है. आरबीआई ने कहा कि नए नॉर्म 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे.




इससे पहले दिन में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संवाददाताओं को बताया कि आरबीआई ने 2.5 लाख रुपये से कम के छोटे लोन के लिए एलटीवी अनुपात को बढ़ाकर 85 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि एलटीवी अनुपात में ब्याज घटक भी शामिल होगा.
लोन-टू-वैल्यू रेशियो में बढ़ोतरी का क्या मतलब है?
इसका मतलब यह है कि अगर आप 1 लाख रुपये का सोना गिरवी रख रहे हैं, तो आपको इस पर अब 75,000 रुपये की जगह 85,000 रुपये तक का लोन मिलेगा. इससे छोटे कारोबारियों या मध्यम वर्ग को सुविधा होगी, जो अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोने पर लोन लेते हैं.
लोन-टू-वैल्यू रेशियो क्या है?
लोन-टू-वैल्यू (LTV) वह रेशियो है जो यह तय करता है कि आप सोने की कीमत पर कितने प्रतिशत लोन ले सकते हैं. रिजर्व बैंक के इस फैसले से अगर आपके पास 1 लाख रुपये का सोना है, तो आपको 75,000 रुपये तक का लोन मिलेगा और अगर आपके पास 2.5 लाख रुपये से कम है, तो आप 85 फीसदी तक लोन ले सकेंगे.
चूंकि गोल्ड लोन की प्रक्रिया तेज है. इसलिए अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो आप अपने पास मौजूद सोने को गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं. मुश्किल वक्त में आर्थिक मदद पाने के लिए सोने को एक सुरक्षित निवेश के तौर पर भी देखा जाता है.
दूसरी ओर, रिजर्व बैंक के इस ऐलान के बाद गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में हलचल मच गई.

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