अर्जुन ने ऐसे किया कमाल और झटका पहला विकेट
अगली गेंद पर अब्दुल थोड़े जल्दबाजी में दिखे और तेजी से रन चुराने के चक्कर में रन आउट हो गए। फिर वाइड रही, जबकि अगली लीगल डिलीवरी पर मयंक मार्कंडेय ने दो रन बनाए। चौथी गेंद अच्छी यॉर्कर रही, जिसपर मयंक ने लेग बाई के रूप में एक रन बनाया। अब सामने थे भुवनेश्वर कुमार। अर्जुन ने भुवी को रोहित के हाथों कैच आउट कराते हुए न केवल अपना पहला विकेट झटक, बल्कि मुंबई को 14 रनों की जीत दिला दी। यह वही भुवी हैं, जो सचिन तेंदुलकर को क्लीन बोल्ड करने के बाद पहली बार चर्चा में आए थे।




अर्जुन तेंदुलकर को खिलाड़ियों ने गोद में उठा लिया
मुंबई इंडियंस जैसे ही जीती अर्जुन तेंदुलकर को खिलाड़ियों ने गोद में उठा लिया। ऐसा लगा मानो यह मुंबई नहीं, बल्कि अर्जुन की जीत है। अर्जुन अब भी सहमे से दिख रहे थे। दूसरी ओर, पिता सचिन के चेहरे पर प्राउड मुस्कान थी। वह इस ओवर की कीमत जानते थे। अगर यहां बेटा चूक जाता तो आगे के क्रिकेट सफर को लेकर हर कोई यही कहता कि बड़े पिता का बेटा है इसलिए मौके दिए जाएंगे।
अर्जुन की तीर निशाने पर लग चुकी है तो हर कोई चुप होगा
अर्जुन ने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ शुरुआती दो ओवर किए थे और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ भी शुरुआत दोवर किए। जब वह बीच के ओवरों में गेंदबाजी करने नहीं आए तो लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिया था कि अगर बीच के ओवरों या फिर डेथ ओवरों में बॉलिंग नहीं कर सकते तो वह टीम पर बोझ हो जाएंगे। लेकिन जब अर्जुन की तीर निशाने पर लग चुकी है तो हर कोई चुप होगा।
अर्जुन ने जो मेहनत की थी उसी का फल मिला
दूसरी ओर, अगर रोहित शर्मा के पास विकल्प होता तो यकीन मानिए कि वह शायद ही गेंद अर्जुन को पकड़ाते। हर किसी को पता है कि आखिरी ओवर करने में बड़े-बड़े गेंदबाजों की हालत खराब हो जाती है, अर्जुन तो फिर भी एक ही मैच खेले थे। मैच के बाद वह अर्जुन की तारीफ करते दिखे। उनकी गेंदबाजी से अभिभूत दिखे। यह टाइटल का जादू है कि सोशल मीडिया पर हर कोई अर्जुन की तारीफ कर रहा है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए अर्जुन ने जो मेहनत की है मंगलवार रात उसी का फल देखने को मिला।

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