गौतम बुद्ध नगर :-ग्रेटर नोएडा में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में”इंडसफूड -2026″ का उद्घाटन किया। ज्ञातव्य हो कि यह “इंडसफूड” एशिया का प्रमुख खाद्य एवं पेय व्यापार मेला है। यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है,जो 120, 000 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस अवसर पर एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव, भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद के अध्यक्ष मोहित सिंगला व अबू धाबी फूड हब के सीईओ जेन्स वोल्फगैंग मिशेल और भीखाराम चंदमल के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार अग्रवाल व तमाम उद्योगपति,खरीदार और प्रदर्शक एवं वैश्विक खाद्य और पेय इकोसिस्टम के सदस्य उपस्थित थे,अपने उद्घाटन भाषण में,चिराग पासवान ने कहा कि मैं आप सभी का समर्थन और प्रोत्साहन करने के लिए यहां हूं। केंद्र सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए एक अलग मंत्रालय होना ही इस क्षेत्र को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाता है और हम सरकार और उद्योग के बीच सेतु बनने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने इंडसफूड के 9वें सफल संस्करण के आयोजन व इस उद्योग को एक बड़ा मंच प्रदान करने के लिए के लिए टीपीसीआई को बधाई दी। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने आगे अपील की,“चूंकि अब हमारे पास खाद्य अधिशेष है,इसलिए हम सभी को इस मात्रा को मूल्य में परिवर्तित करने की आवश्यकता है। हम सभी इस क्षेत्र की ताकत और भारत की वैश्विक खाद्य टोकरी बनने की अपर्युक्त क्षमता को जानते हैं;अब संसाधनों को सही दिशा देने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय इस क्षेत्र में अधिक से अधिक उद्यमियों को सहायता कर रहा है।मंत्री ने कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अटूट समर्थन दे रही है व व्यापार करने में आसानी जैसे किसी भी सहायक नीतिगत मामले के लिए हर संभव प्रयास करेगी। पासवान ने बताया कि उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर उच्च जीएसटी दर का मुद्दा उठाया,जिसे जीएसटी सुधारों के माध्यम से संशोधित भी किया गया और जीएसटी को न्यूनतम स्तर यानी 5 प्रतिशत/जीरो प्रतिशत तक घटा दिया गया,इसने इस क्षेत्र के लिए अधिक बाजार पहुंच बनाने में मदद की।अपने संबोधन में मंत्री ने सभी ब्रांडों से भारत में अनुसंधान एवं विकास केंद्र खोलने की अपील की,भारत में भारी विविधता है,वैश्विक खाद्य प्लैटर पर नई किस्म पेश करने की अपार क्षमता है। एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि ‘भारती’ पहल,जिसका पूर्ण रूप ‘भारत्स हब फॉर एग्रीटेक,रेजिलेंस, एडवांस्डमेंट एंड इंक्युवेशन फार एक्सपोर्ट एनेवलमेंट है, कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन की गई है और
उद्घाटन के अवसर पर ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने इंडसफूड -2026 के विशाल स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन 30 से अधिक देशों के 2,200 से अधिक प्रदर्शकों और 125,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में तथा 120 से अधिक देशों के 15,000 से भी अधिक खरीदार को एक साथ लाता है एवं जिससे संपूर्ण खाद्य व पेय मूल्य श्रृंखला को एक ही इकोसिस्टम में एकीकृत होती है।इस आयोजन में, दो नए मंडप-पेट फूड एवं एनिमल न्यूट्रिशन और कुकवेअर,किचन वेअर- भी शामिल किए गए हैं, जोकि जीवनशैली में, बदलाव और स्वास्थ्य जागरुकता व प्रीमियम उत्पादों की बढती मांग और स्थिरता जैसे वैश्विक रूझानों को दर्शाते हैं एवं आईएफसीए के सहयोग से (टीपीसीआई) विश्व पाक कला विरासत सम्मेलन 2026 व 40 से अधिक ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है,जिनमें निवेश, निर्यात,नियमन व कृत्रिम बुद्धिमत्ता,स्वचालन और खाद्य इकोसिस्टम पर 150 से अधिक वक्ता शामिल होंगे। अबू धाबी फूड हब के सीईओ ने भारत-यूएई के बीच तालमेल व सतत व्यापार प्रथाओं पर जोर दिया व भारत-यूएई खाद्य गलियारे के लिए टीपीसीआई के साथ एक समझौता ज्ञापन की घोषणा की।






विज्ञापन हेतु
रिपोर्टर बनने के लिए संपर्क +91-9355638761, +91-8429092222
सहयोग राशी 1150/- रूपये मात्र



